बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विपक्ष के प्रदर्शन में शामिल होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में छात्रों तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा निशाना साधा।

वोट चोरी और लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप
तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को आड़े हाथों लिया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन चुनाव में कथित षड्यंत्र रचने और वोट चोरी करने वालों को बचाया नहीं जा सकेगा। राजद नेता ने आरोप लगाया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा की जा रही है और केवल एक व्यक्ति को बचाने के लिए पूरी दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया है, जहां विपक्षी नेताओं, पत्रकारों तथा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है।
आरएसएस और पुलिस की भूमिका पर सवाल
शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार पर जोर देते हुए तेजस्वी ने कहा कि नागरिकों को अपनी बात रखने का पूरा हक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बल कम पड़ने के कारण विरोधियों को रोकने के लिए आरएसएस के लोगों को मैदान में उतारा जा रहा है। साथ ही, उन्होंने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की प्रदर्शनकारियों को लेकर दी गई टिप्पणी पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की और लोकतांत्रिक तरीकों से आवाज उठाने वालों के साथ अनुचित व्यवहार न किए जाने की बात कही।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की अपील
अपनी यात्रा के दौरान विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में चुनावी प्रक्रिया, वोट चोरी और पुलिसिया कार्रवाई के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कहते हुए उन्होंने नागरिकों से संविधान व लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि आवागमन के साधनों को भले ही बाधित करने के प्रयास किए जाएं, लेकिन आम जनता अपनी आवाज उठाना बंद नहीं करेगी।
