दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले एक बड़े प्रदर्शन और इसके मद्देनजर कई ट्रेनों के रद्द किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर होने वाले इस आयोजन से पहले सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट के चलते बिहार और उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों से दिल्ली आने वाली रेल सेवाओं को प्रभावित किया गया है।

ट्रेनें रद्द होने पर केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया
हरियाणा के सोनीपत में मौजूद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस पूरे घटनाक्रम और रेलवे के फैसलों पर अपनी बात रखी। उन्होंने देश के युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय युवाओं में दुनिया को नई दिशा दिखाने की पूरी क्षमता है और उन्हें किसी भी प्रकार से रोका नहीं जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कितनी रेलगाड़ियों और सड़कों को रोका जा सकता है, क्योंकि युवा पीढ़ियां हर बाधा को पार कर आगे बढ़ना अच्छी तरह जानती हैं।
विपक्ष को दी संवाद की सलाह
निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करने वाले विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए चिराग पासवान ने कहा कि आए दिन विरोध प्रदर्शन करने या हंगामा करने से समस्याओं का हल नहीं निकलता है। उन्होंने दलों को सलाह दी कि यदि उन्हें चुनाव प्रणाली को लेकर कोई भी संदेह है, तो उन्हें सड़कों पर उतरने के बजाय सीधे आयोग से संपर्क करना चाहिए।
स्वतंत्र संस्था के रूप में निर्वाचन आयोग
लोकतांत्रिक व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना सबका अधिकार है, लेकिन यह भी देखना जरूरी है कि विपक्ष किसी मुद्दे का समाधान चाहता है या केवल हंगामा खड़ा करना चाहता है। निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे प्रतिनिधिमंडल के साथ जाकर आयोग के सामने अपनी बात रखें।
