उत्तराखंड के गांवों में जरूरतमंद और बेघर परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 से अब तक राज्य के 39,815 परिवारों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।

विभिन्न जनपदों में आवासों की स्थिति
इस योजना के तहत राज्य के अलग-अलग जिलों में पात्र परिवारों के लिए पक्के मकानों का निर्माण किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, ऊधमसिंह नगर जनपद में सबसे अधिक 4,882 आवास बनाए गए हैं। इसके अलावा हरिद्वार में 4,493 और रुद्रप्रयाग में 4,032 परिवारों को पक्की छत नसीब हुई है। अन्य जिलों की बात करें तो चमोली में 3,900, पिथौरागढ़ में 3,386, पौड़ी में 3,195, उत्तरकाशी में 3,057, देहरादून में 2,839, चंपावत में 2,789, बागेश्वर में 2,279, टिहरी में 2,134, नैनीताल में 1,480 और अल्मोड़ा में 1,349 आवासों का निर्माण किया गया है।
योजना के तहत मिलने वाली सहायता और सुविधाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख 30 हजार रुपये की अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाती है। इसके अलावा लाभार्थियों को अन्य कई प्रकार की सहायता भी प्रदान की जा रही है:
- किचन सामग्री: बर्तन खरीदने के लिए दी जाने वाली अतिरिक्त सहायता राशि को बढ़ाकर 6 हजार रुपये कर दिया गया है।
- शौचालय निर्माण: स्वच्छ भारत मिशन के तहत मनरेगा या स्वजल के माध्यम से 12 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाती है।
- अन्य सुविधाएं: योजना के तहत पेयजल, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और बिजली कनेक्शन की सुविधा के साथ-साथ मजदूरी का लाभ भी दिया जाता है।
