सिंगापुर से पटना लौटने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की सक्रिय राजनीति में दोबारा वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर इस बात की चर्चा है कि उन्हें संगठन में एक बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, जिस पर परिवार और पार्टी के स्तर पर विचार किया जा रहा है।

राबड़ी देवी का प्रस्ताव और पार्टी के भीतर हलचल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने रोहिणी आचार्य को पार्टी में अहम पद दिलाने के लिए अपना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद छोड़ने का प्रस्ताव रखा है। इस मामले पर परिवार के भीतर आम सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है, हालांकि इस संबंध में अंतिम और औपचारिक फैसला तेजस्वी यादव की सहमति के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।
पुराने कार्यकर्ताओं से संपर्क और राजनीतिक गतिविधियां
रोहिणी आचार्य ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सारण निर्वाचन क्षेत्र से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों से थोड़ी दूरी बना ली थी। अब सिंगापुर से वापस लौटने के बाद उन्होंने पार्टी के पुराने और निष्ठावान नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के साथ अपना संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है।
संगठन में भावी भूमिका को लेकर अलग-अलग राय
राजद के भीतर रोहिणी आचार्य की संभावित भूमिका को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ पार्टी नेताओं का मानना है कि उनकी सक्रियता से पुराने समर्थकों को एकजुट करने में मदद मिल सकती है, वहीं संगठन के भीतर नए समीकरणों और संगठनात्मक चुनौतियों को लेकर भी सुगबुगाहट बनी हुई है। उनके सार्वजनिक मुद्दों पर जुड़ने और जनता के साथ संवाद स्थापित करने के प्रयासों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
