जामिया मिल्लिया इस्लामिया से जुड़े प्रमुख विवाद और घटनाएं

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी पिछले कुछ वर्षों में अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ विभिन्न विवादों को लेकर भी चर्चा के केंद्र में रही है। हाल ही में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग और कैंपस में हुए प्रदर्शनों ने एक बार फिर इस शिक्षण संस्थान को सुर्खियों में ला दिया है।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया से जुड़े प्रमुख विवाद और घटनाएं

छात्रसंघ चुनाव की मांग और पृष्ठभूमि

यूनिवर्सिटी में आखिरी छात्रसंघ चुनाव साल 2005 में हुए थे और इसके अगले ही साल छात्रसंघ को भंग कर दिया गया था। इसके बाद से छात्र लगातार चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में छात्रों ने छात्रसंघ की बहाली और चुनाव तारीख घोषित करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल भी शुरू की।

प्रमुख विवादित घटनाएं

पिछले कुछ वर्षों के दौरान जामिया परिसर में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया:

जामिया मिल्लिया इस्लामिया से जुड़े प्रमुख विवाद और घटनाएं
  • वर्ष 2019: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान 15 दिसंबर को पुलिस विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हुई, जिसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी।
  • वर्ष 2020: फरवरी महीने में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच के दौरान कुछ छात्रों और पूर्व छात्रों के नाम सामने आए, जिससे यूनिवर्सिटी चर्चा में आई।
  • वर्ष 2022: सितंबर महीने में एक पूर्व छात्रा के कैंपस में प्रवेश पर रोक लगाई गई, जिसे लेकर अनुशासन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस छिड़ गई।
  • वर्ष 2022 (गोलीकांड): सितंबर के आखिर में लाइब्रेरी में दो छात्र समूहों के बीच झड़प हुई और बाद में अस्पताल के पास गोली चलने की घटना सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने कई छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
  • वर्ष 2023: जनवरी में एक विवादित डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर SFI के छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव देखा गया और पुलिस ने कार्रवाई की।
  • वर्ष 2024: जनवरी में अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दिन कुछ छात्रों द्वारा बाबरी मस्जिद के विरोध में नारेबाजी की गई, जिसकी जांच प्रशासन द्वारा शुरू की गई।

इन तमाम घटनाओं और प्रदर्शनों के चलते जामिया मिल्लिया इस्लामिया का परिसर समय-समय पर राष्ट्रीय बहस और प्रशासनिक चर्चाओं का अहम केंद्र रहा है।

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