कर्नाटक के हासन की रहने वाली कृतिका ने कठिन पारिवारिक परिस्थितियों और शुरुआती असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। अपने चौथे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 100 प्राप्त कर IRS बनने का अपना सपना पूरा किया। उनकी यह प्रेरणादायक यात्रा यह सिखाती है कि कड़ी मेहनत और पक्के इरादे से हर मुश्किल को हराया जा सकता है।

बचपन की चुनौतियां और आत्मविश्वास की कमी
कृतिका के जन्म के समय उनके पिता खुश नहीं थे और आगे चलकर उनके माता-पिता अलग भी हो गए। मां ने अकेले ही उनकी जिम्मेदारी संभाली और समाज के ताने सहे। बचपन में पिता का प्यार न मिलने के कारण कृतिका का आत्मविश्वास काफी डगमगा गया था। स्कूल के दिनों में पुरस्कार जीतने के बावजूद उन्हें वह प्रोत्साहन नहीं मिला जिसकी उन्हें चाह थी। हालांकि, चौथी कक्षा में 100 में से 99 अंक प्राप्त करने के बाद उन्हें पहली बार खुद पर भरोसा हुआ, जो आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।
सिविल सेवा में जाने का दृढ़ निश्चय
पढ़ाई के दौरान ही कृतिका ने सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया था। 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाए और ग्रेजुएशन के तुरंत बाद यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। इस सफर में उन्हें कई सामाजिक दबावों का सामना भी करना पड़ा, जिसमें तलाकशुदा मां की बेटी होने के कारण शादी के प्रस्ताव और दबाव आना शामिल था। इन सबके बावजूद उन्होंने अपना ध्यान भटकाने नहीं दिया और पूरी तरह से पढ़ाई पर फोकस रखा।
शुरुआती असफलताएं और निरंतर प्रयास
तैयारी की शुरुआत में कृतिका को निराशा हाथ लगी और वह अपने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा यानी प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाईं। लगातार तीन प्रयासों में असफलता मिलने के कारण उनका मनोबल भी प्रभावित हुआ। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और हर बार अपनी गलतियों से सीख ली। उनकी खूबी यह थी कि वह प्रीलिम्स परीक्षा समाप्त होने के ठीक अगले दिन से ही दोबारा अपनी तैयारी में जुट जाती थीं। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया और दोस्तों के साथ मेलजोल से पूरी तरह दूरी बना ली थी।
चौथे प्रयास में मिली सफलता
साल 2019 में अपने चौथे प्रयास के दौरान उनकी यह कड़ी मेहनत आखिरकार रंग लाई। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 100 हासिल की। कृतिका की यह सफलता केवल एक परीक्षा उत्तीर्ण करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खुद पर दोबारा भरोसा कायम करने और जीवन की तमाम बाधाओं को पार करने की एक प्रेरणादायक कहानी है।
