झारखंड में सक्रिय इनामी माओवादी दंपती मंगल महतो और मालती मुर्मू ने कोलकाता पुलिस के सामने हथियार डाल दिए हैं। कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में पुलिस आयुक्त के समक्ष इस नक्सली दंपती ने एके-47 और इंसास राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया।

हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला
आत्मसमर्पण करने वाले मंगल महतो और मालती मुर्मू दोनों पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। मंगल का घर पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी में और मालती का घर झारग्राम के गोपीवल्लभपुर में है। पुलिस के मुताबिक, मंगल महतो वर्ष 2011-12 के बाद झारखंड चला गया था और वह शीर्ष माओवादी नेताओं किशनजी एवं आकाश का करीबी तथा उनका अंगरक्षक रह चुका है। ये दोनों सारंडा इलाके में सक्रिय थे।
लाखों रुपये का था इनाम
झारखंड पुलिस द्वारा मंगल महतो पर 5 लाख रुपये और मालती मुर्मू पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मंगल के खिलाफ झारखंड में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। हथियार डालने के बाद मंगल महतो ने कहा कि सशस्त्र संघर्ष से समाज को बदलना संभव नहीं है, इसलिए वे इस रास्ते को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते थे।
पश्चिम बंगाल सरकार की नीतियां और पुलिस का बयान
कोलकाता के पुलिस कमिश्नर ने बताया कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद झारखंड में सक्रिय माओवादी बंगाल आकर सरेंडर कर रहे हैं क्योंकि राज्य सरकार माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए विशेष राहत पैकेज दे रही है। नक्सलियों को यह भरोसा है कि आत्मसमर्पण करने पर उनके साथ उचित व्यवहार किया जाएगा। कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाने वाला जंगलमहल अब खून-खराबे से मुक्त हो चुका है।
