ट्रिपल आईटी रांची के छात्र की मौत पर हंगामा, हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल

ट्रिपल आइटी रांची के हॉस्टल में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र की मृत्यु के बाद संस्थान की आंतरिक व्यवस्थाओं और आपातकालीन सुविधाओं को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। बिहार के पूर्णिया जिले के निवासी बीस वर्षीय आदित्य ने खेलगांव हाउसिंग स्थित हॉस्टल परिसर में अंतिम कदम उठाया, जिसके बाद विद्यार्थियों और परिजनों में भारी आक्रोश है।

ट्रिपल आईटी रांची के छात्र की मौत पर हंगामा, हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल

हॉस्टल की व्यवस्थाओं और प्राथमिक उपचार में लापरवाही के आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के समय हॉस्टल की लिफ्ट खराब थी और बिजली कटौती के कारण उसे चालू भी नहीं किया गया था। छात्रों का आरोप है कि पांचवें मंजिल पर स्थित कमरे से छात्र को नीचे लाने के लिए लिफ्ट का उपयोग नहीं हो सका और सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा। इसके अलावा, परिसर में खड़ी एंबुलेंस में ड्राइवर की अनुपस्थिति और ऑक्सीजन सिलिंडर जैसी बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का अभाव होने के कारण समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया था।

छात्रों का प्रदर्शन और निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी

इस दुर्घटना के विरोध में विद्यार्थियों ने सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया और संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव के तत्काल इस्तीफे की मांग की। मृत छात्र के पिता विष्णुदेव कुमार राय ने खेलगांव थाने में आधिकारिक प्राथमिकी दर्ज कराते हुए संस्थान के निदेशक और अन्य प्रबंधन कर्मियों पर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि आपातकालीन मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का सही ढंग से पालन नहीं किया गया।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और मानवाधिकार आयोग का संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस घटना का संज्ञान लिया है और प्रशासन की कथित लापरवाही तथा इलाज में देरी की परिस्थितियों की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, संस्थान के निदेशक ने आश्वस्त किया है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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