पटना में चुनाव आयोग (सीईसी) और एसआईआर के विरोध में महागठबंधन की ओर से आयोजित आक्रोश मार्च तीन घंटे तक चला। सुबह दस बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन दोपहर एक बजे के आसपास समाप्त हुआ, जिसके बाद यातायात सामान्य कर दिया गया। इस मार्च में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और मीसा भारती समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।

सड़क पर जोरदार हंगामा और कड़ी सुरक्षा
राजधानी पटना की सड़कों पर इस प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और राजभवन जाने वाले मार्गों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के साथ भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया था।
बैरिकेडिंग पर बैठे तेजस्वी और राज्यपाल से मुलाकात
प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर बैठ गए और उसे तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई। स्थिति को देखते हुए पुलिस तेजस्वी यादव, मीसा भारती और मुकेश सहनी को अपने साथ ले गई और उनकी मुलाकात राज्यपाल से कराई गई।
नेताओं के तीखे तेवर और विरोध प्रदर्शन
विरोध प्रदर्शन के दौरान वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जनता के अधिकारों के लिए वे किसी भी परिस्थिति का सामना करने को तैयार हैं। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम समेत कई अन्य नेता हाथों में हथकड़ी और संविधान की प्रति लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए। राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए और तीखी प्रतिक्रिया दी।
