बिहार में एसआईआर (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में महागठबंधन ने राज्यभर में मोर्चा खोल दिया है। विभिन्न मुद्दों और कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्षी दलों ने सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर किया है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई है।

राजधानी पटना में जोरदार प्रदर्शन और पुतला दहन
मंगलवार को राजधानी पटना में राजद कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतलों के साथ नारेबाजी की। इसके बाद इनकम टैक्स गोलंबर पर पहुंचकर इन नेताओं के पुतले फूंके गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग दोहराई।
मतदाता सूची और चुनाव आयोग पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आह्वान पर यह दो दिवसीय आंदोलन शुरू किया गया है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ी की गई है और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध रही है। इसके साथ ही चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में पैसे भेजे जाने और सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
आगे का क्या है कार्यक्रम
महागठबंधन के तय कार्यक्रम के अनुसार, पहले दिन यानी 7 अक्टूबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला गया है। इसके अगले दिन यानी 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन का आयोजन होगा। पटना में भी महागठबंधन के विधायक, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता सप्तमूर्ति से लोकभवन तक मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराएंगे और ज्ञापन सौंपेंगे।
