रांची के जेएससीए स्टेडियम के आसपास इन दिनों क्रिकेट मैच के टिकटों की भारी कालाबाजारी का मामला सामने आया है। मैच देखने के इच्छुक असली प्रशंसक टिकट के लिए परेशान हैं, जबकि कुछ लोग टिकट खरीदकर उन्हें दो से तीन गुने दाम पर बेचने में लगे हुए हैं।

दिहाड़ी मजदूरों का इस्तेमाल
काउंटर से एक व्यक्ति को केवल दो ही टिकट मिलते हैं, जिसके कारण अधिक संख्या में टिकट जुटाने के लिए बिचौलियों द्वारा दिहाड़ी मजदूरों को कतार में लगाया जाता है। इन मजदूरों को लाइन में खड़े होने के एवज में करीब 1000 रुपए की राशि दी जाती है। बिचौलियों का कहना है कि इतनी लागत आने के बाद वे टिकटों को सस्ते दामों पर नहीं बेच सकते हैं।
दोगुने से तिगुने दामों पर बिक्री
स्टेडियम के बाहर अलग-अलग श्रेणियों के टिकटों को मुंहमांगे दामों पर बेचा जा रहा है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि 2000 रुपए का टिकट 4000 रुपए में और 2500 रुपए का टिकट 5000 रुपए में मांगा जा रहा है। इसके अलावा 1600 रुपए तक के टिकट को 3000 से 3200 रुपए में तथा 3500 रुपए वाले टिकट को 8000 रुपए तक में बेचने की बात कही गई।
घर से भी टिकट उपलब्ध कराने का दावा
धुर्वा और हिनू इलाके के स्थानीय युवाओं, दुकानदारों और बिचौलियों द्वारा मौके पर ही कई टिकट दिखाए गए। एक स्थानीय युवक ने दावा किया कि उनके पास सभी टिकट असली हैं और आवश्यकता पड़ने पर घर से भी और टिकट उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इस वजह से स्टेडियम के बाहर का पूरा माहौल बदल गया है और लोग टिकटों की खरीद-फरोख्त तथा मोलभाव में जुटे नजर आ रहे हैं।
