अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के निधन को सुशांत सिंह राजपूत मामले से जोड़ते हुए इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि कानूनी कार्रवाई और जेल जाने के डर से झूठी मौत का नाटक रचा गया है। 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के निधन के बाद से लगातार इस विषय पर चर्चाओं का बाजार गर्म है और तनुश्री ने इस मामले में खुलकर अपनी बात रखी है।

नाना पाटेकर की मौत और कानूनी शिकंजे पर बयान
एक मीडिया बातचीत के दौरान तनुश्री दत्ता ने खुलकर कहा कि सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान मामले में अब पुख्ता सबूत मिलने लगे हैं, जिसके कारण कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं और लोगों को जेल होने की संभावना है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि इस मामले में किसी की संलिप्तता होती, तो उसे पुलिस और कानून से बचने के लिए कोई बड़ा कदम उठाना पड़ता। तनुश्री का यह भी कहना है कि उन्हें नाना पाटेकर के निधन की खबर और सच्चाई पर ही गहरा संदेह है, जिसे उन्होंने एक सोची-समझी चाल के रूप में प्रस्तुत किया है।
पटना पहुंचने की टाइमिंग को लेकर खड़े किए गए सवाल
तनुश्री ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के दिन नाना पाटेकर के पटना पहुंचने के समय पर भी गहरी आपत्ति दर्ज की। उनके अनुसार, नाना पाटेकर गोवा में निवास करते हैं और वहां से एयरपोर्ट जाने, फ्लाइट पकड़ने तथा पटना में एयरपोर्ट से घर तक पहुंचने की लंबी प्रक्रिया में काफी समय लगता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सुशांत के कमरे का दरवाजा सुबह साढ़े नौ बजे खुला था और घरवालों को ही दस बजे इसकी जानकारी मिली, तब नाना पाटेकर ठीक सुबह दस बजे पटना में उनके घर पर कैसे उपस्थित हो गए।

तनुश्री ने यह भी कहा कि जब घटना की जानकारी शुरुआती दौर में किसी को नहीं थी, तो क्या नाना पाटेकर को इसके बारे में पहले से ही सब कुछ मालूम था। इन तमाम तर्कों के साथ उन्होंने टाइमिंग को लेकर कई अनसुलझे सवाल खड़े किए हैं।
अंतिम संस्कार और मनोरंजन जगत की प्रतिक्रियाएं
हालांकि नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा चुका है, लेकिन तनुश्री दत्ता के इन बयानों के बाद मनोरंजन जगत और जनता के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। इस पूरी चर्चा ने सोशल मीडिया पर भी काफी तूल पकड़ा है और लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, जिससे यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
