अलविदा डॉक्टर आरके वर्मा :- देहरादून की जानी-माने हस्ती डॉ आरके वर्मा का हमारे बीच से चले जाना अनेक क्षेत्रों को सूना कर गया है .पत्रकार जगत के दिग्गज , प्रसिद्ध साहित्यकार , तथा अनेक संस्थाओं से संबद्ध श्री आर के वर्मा देहरादून की शान थे जिनका नाम पदम श्री के लिए भी नामित किया गया था .डॉक्टर आरके वर्मा ने अनेक चर्चित पुस्तकें लिखी जिनमें प्रमुख रही स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास, फिल्मोग्राफी नेताजी सुभाष चंद्र बोस भूले बिसरे चेहरे इत्यादि। मृदुभाषी दिखावे से दूर असाधारण व्यक्तित्व के मालिक होने के बावजूद अति साधारण तथा चेहरे पर सदैव मुस्कुराहट लिए रहते थे आर के वर्मा इमरजेंसी के दौरान देहरादून से केवल कुछ ही पत्र प्रकाशित होते थे उनमें आर के वर्मा महत्वपूर्ण रोल अदा करते थे उत्तराखंड में सबसे पहले जनरलिस्ट क्लब की स्थापना करने वाले का श्रेय उन्हीं को जाता है उत्तराखंड फिल्म चेंबर आफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष ,फिल्म फेस्टिवल कमेटी के अध्यक्ष , तमाम देश दुनिया के समाचार पत्रों की प्रदर्शनी, आदि डॉक्टर वर्मा के प्रमुख क्षेत्र रहे थे ।डॉक्टर आरके वर्मा उत्तर प्रदेश फिल्म बोर्ड के सदस्य भी रहे एवं उत्तराखंड के फिल्म पालिसी समिति के संयोजक भी रहे डॉक्टर आरके वर्मा का नाम 2005 एवं 2006 में मुख्यमंत्री उत्तराखंड द्वारा पदम श्री पुरस्कार के लिए भी भेजा गया था उन्हीं के छोटे भाई है अशोक वर्मा जो एक प्रसिद्ध समाजसेवी है तथा राजनीति के क्षेत्र में एक जाना माना नाम है. अपने परिवार के दिए हुए संस्कार इस परिवार के हर सदस्य में बखूबी दिखाई देते हैं आर्यभट्ट परिवार उनकी मोक्ष की कामना करता है

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