झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी और सीडीपीओ परीक्षा रद्द करने के मामले में फैसला सुरक्षित रखा

झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड लोक सेवा आयोग की संयुक्त सिविल सेवा, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रिया से राज्य के हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई हैं।

झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी और सीडीपीओ परीक्षा रद्द करने के मामले में फैसला सुरक्षित रखा

अदालत में हुई सुनवाई और पक्ष

न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में इन मामलों पर सुनवाई दोपहर के सत्र में शुरू हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी गई। राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए महाधिवक्ता और अन्य अधिवक्ता अदालत में उपस्थित रहे, जबकि प्रार्थियों की तरफ से भी वकीलों ने अपनी दलीलें रखीं। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों और हस्तक्षेपकर्ताओं को सुनने के बाद बहस के लिए शॉर्ट रिटेन नोट दाखिल करने की अनुमति भी प्रदान की है।

किन परीक्षाओं के विज्ञापनों को दी गई है चुनौती

प्रार्थियों द्वारा दायर की गई इन याचिकाओं में मुख्य रूप से तीन प्रमुख प्रतियोगिता परीक्षाओं के विज्ञापनों को रद्द करने संबंधी सरकारी अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है। इनमें जेपीएससी की संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा शामिल हैं। सुभाष मुर्मू, दीपमाला, आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज और सौरभ सिंह सहित अन्य प्रार्थियों की ओर से अलग-अलग याचिकाएं दायर कर सरकार के इन फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।

अंतिम आदेश का इंतजार

इन तमाम याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के अंतिम आदेश पर टिकी हैं। अदालत के फैसले से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन परीक्षाओं और इनसे जुड़ी नियुक्ति प्रक्रियाओं का भविष्य क्या होगा। हालांकि अदालत ने पक्षकारों को अपने लिखित नोट जमा करने की छूट दे दी है, लेकिन फिलहाल अंतिम फैसला सुनाए जाने की तिथि की घोषणा नहीं की गई है।

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