इन दिनों जी5 की फिल्म की खूब चर्चा सुनने को मिल रही है, जिसकी कहानी एक शादीशुदा लड़की की है, जो रसोई में अपना जीवन जीते हुए अपनी पहचान ढूंढती नजर आती है. लेकिन यह आज की बात नहीं बरसों पुरानी बात है जब महिला अपना करियर छोड़ घर-परिवार को चुनती है. ऐसा ही कुछ बॉलीवुड की उस अदाकारा के साथ भी हुआ, जिन्होंने ससुर के कहने पर फिल्मी दुनिया को अलविदा कहा. जबकि उनके दादा ससुर से लेकर पति तक गुजरे जमाने के सुपरस्टार रह चुके हैं. इतना ही नहीं उनको दो बेटियां आज बॉलीवुड की सुपरस्टार्स की गिनती में आती हैं. हालांकि उनका करियर केवल 19 फिल्मों तक ही सिमट कर रह गया. 

हम बात कर रहे हैं एक्ट्रेस बबीता कपूर की, जिनका पूरा नाम बबीता हरि शिवदसानी कपूर है. वह सुपरस्टार साधना की बहन हैं. बबीता ने 1966 में दस लाख से डेब्यू किया. लेकिन राजेश खन्ना के साथ 1967 में आई रोमांटिक थ्रिलर राज ने उन्हें पॉपुलैरिटी हासिल कराई. इसके बाद वह हसीना मान जाएगी, फर्ज, किस्मत, एक श्रीमान एक श्रीमती, डोली, कब क्यों और कहां, कल आज और कल के साथ बनफूल में नजर आईं. 

इसके बाद 1971 में रणधीर कपूर से शादी के बाद वह 1972 में जीत और एक हसीना दो दीवाने में नजर आईं, जिसके बाद उन्होंने करियर छोडने और हाउसवाइफ बनने का फैसला किया. स्क्रीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, राज कपूर चाहते थे कि बबीता फिल्में करना छोड़ दे क्योंकि कपूर फैमिली की महिलाएं उस समय फिल्में नहीं करती थीं. बबीता यंग थीं, जिन्होंने एक्टिंग करियर में 19 फिल्मों में काम किया. लेकिन रणधीर कपूर के प्यार में उन्होंने आखिरकार वही किया, जो कपूर फैमिली चाहती थी. 

बता दें, रणधीर कपूर और बबीता की सगाई 12 मई 1971 में एक्ट्रेस के घर पर हुई. इसके बाद 6 नवंबर 1971 में कपल की शादी पंजाबी रस्मों से हुई कपूर फैमिली के घर पर. हालांकि 80 के दशक में कपल ने अलग रहना शुरू कर दिया. लेकिन वह शादीशुदा रहे और 2007 में दोनों फिर से साथ रहने लगे. उनकी दो बेटियां करिश्मा और करीना कपूर हैं, जो बॉलीवुड का जाना माना नाम हैं. 

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