इस्लामी विद्वान इब्राहिम सकाफी पुजक्कट्टीरी द्वारा एक विधवा महिला की पर्यटन स्थल मनाली की यात्रा के बारे में की गई टिप्पणी को लेकर व्यापक आलोचना हुई है तथा सोशल मीडिया पर महिला को जबरदस्त समर्थन भी मिला है.
पुजक्कट्टीरी ने 25 साल पहले अपने पति की मौत के बावजूद पर्यटन स्थल की यात्रा करने के लिए कोझीकोड जिले के कादियानगाडु की 55 वर्षीय नफीसुम्मा की आलोचना की.

एक भाषण में उन्होंने कहा कि इबादत करने के लिए घर पर रहने के बजाय, ‘‘वह दूसरे राज्य में बर्फबारी का आनंद उठाने चली गईं.”

उनकी टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया हुई तथा कई लोगों ने उनके दृष्टिकोण को रूढ़िवादी बताया. इस विवाद के कारण बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर समाज के विभिन्न वर्गों से नफीसुम्मा को समर्थन मिला. पूर्व मंत्री और मुस्लिम लीग नेता एम के मुनीर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय की महिलाएं शीर्ष पदों पर पहुंच रही हैं, जो उनकी प्रगति को दर्शाता है. उन्होंने कहा, ‘‘केरल में मुस्लिम महिलाओं की स्थिति वैसी नहीं है जैसी कोई कहता है. समुदाय की महिलाएं पायलट तक बन गई हैं.”

हालांकि, पुजक्कट्टीरी के रुख को उचित ठहराते हुए एपी सुन्नी गुट के प्रमुख कंथापुरम अबूबकर मुसलियार ने शनिवार को कहा कि मुस्लिम कानून के अनुसार, एक महिला को अपने पति, पिता या भाई जैसे किसी भरोसेमंद पुरुष के साथ यात्रा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान एक महिला के साथ एक भरोसेमंद व्यक्ति को होना चाहिए. नफीसुम्मा 11 दिसंबर, 2024 को अपने बच्चों के साथ मनाली गई थीं और बर्फबारी का आनंद लेते हुए उनका एक वीडियो वायरल हुआ था.

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