फ्लाइट का सफर इसलिए पसंद किया जाता है, क्योंकि यहां समय की बचत के साथ ही ज्यादा लग्जरी भी मिलती है. लेकिन क्या हो जब प्लेन की सीट टूटी (Air India Broken Seat) हो. फिर तो बस यही लगेगा ना कि हमारे हजारों रुपए पानी में चले गए. लगेगा कि हम गए तो प्लेन में थे, लेकिन बैठने के लिए ढंग की सीट तक नसीब नहीं हुई. आम इंसान के साथ ये होता तो फिर भी समझ आता, लेकिन कुछ ऐसा ही केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के साथ हुआ. उनको टूटी हुई सीट पर बैठकर भोपाल से दिल्ली जाना पड़ा. एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर उन्होंने इस घटना के बारे में बताया. हालांकि एयर इंडिया ने इस घटना के लिए उनसे माफी मांग ली है. 

शिवराज सिंह ने कहा कि वह एक कार्यक्रम के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट लेकर भोपाल से दिल्ली जा रहे थे. जैसे भी वह फ्लाइट में चढ़े तो टूटी और धंसी हुई सीट बैठने को मिली. उस पर बैठने में उनको काफी परेशानी हो रही थी. उन्होंने तुरंत स्टाफ को बुलाया और पूछा कि जब सीट टूटी हुई थी तो आवंटित क्यों की.

शिवराज को एयर इंडिया के स्टाफ का जवाब 

इस पर स्टाफ ने शिवराज से कहा कि इस टूटी सीट के बारे में प्रबंधन को वह पहले ही सूचित कर चुके हैं. प्लेन में ऐसी और भी कई सीटें हैं, जो टूटी और बेकार हैं. उन्होंने प्रबंधन से कहा था कि इन सीटों का टिकट नहीं बेचना चाहिए. स्टाफ का  जवाब तो शिवराज ने सुन लिया लेकिन सवाल ये कि सीट का क्या किया जाए. उनके के पास दूसरी सीट का विकल्प भी नहीं था. हालांकि दूसरे यात्रियों ने उनको अपनी सीट ऑफर भी की. उनसे काफी आग्रह किया कि वह उनकी सीट पर बैठ जाएं. लेकिन अपने लिए किसी और को तकलीफ देना उनको अच्छा नहीं लगा. उन्होंने उसी टूटी हुई सीट पर बैठकर पूरी यात्रा करने का फैसला लिया. 

एयर इंडिया ने शिवराज सिंह से मांगी माफी

 एयर इंडिया ने फ्लाइट में हुई असुविधा के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज से माफी मांग ली है. कंपनी की तरफ से एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा गया कि आप निश्चिंत रहें. कंपनी इस मामले पर पूरा ध्यान दे रही है, ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो. 

शिवराज ने टूटी हुई सीट पर किया डेढ़ घंटे का सफर

केंद्रीय मंत्री का कहना है कि जब कोई यात्री विमानन कंपनी को पूरा भुगतान कर रहा है तो क्या उसे अच्छी सुविधा नहीं मिलनी चाहिए. उनको लगा था कि टाटा प्रबंधन के हाथ में आने के बाद एयर इंडिया की सेवा बेहतर हुई होगी, लेकिन ये उनका भ्रम निकला. उन्होंने कहा कि उनको बैठने में हुए कष्ट की चिंता नहीं है. लेकिन यात्रियों से पूरा पैसा वसूलने के बाद उन्हें खराब और कष्टदायक सीट पर बैठाना अनैतिक है. ये तो यात्रियों के साथ धोखे जैसा है. 

विमानन कंपनी की क्लास लगाते हुए शिवराज ने पूछा कि आगे किसी यात्री को ऐसा कष्ट न हो, क्या इसके लिए एयर इंडिया प्रबंधन कोई कदम उठाएगा या फिर यात्रियों की जल्दी पहुंचने की मजबूरी का फायदा उठाता रहेगा. हालांकि इसका जवाब एयर इंडिया की तरफ से दे दिया गया है. कंपनी ने उनसे माफी मांगते हुए भरोसा दिया कि भविष्य में ऐसी घटना नहीं होगी.

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