कोरोना वायरस के नए-नए वैरिएंट लगातार चर्चा में बने हुए हैं। दुनियाभर में कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन जारी है, भारत में तो 110 करोड़ से ज्यादा वैक्सीनेशन डोज दिए जा चुके हैं। इन सब के बावजूद कोरोना वायरस का नया वैरिएंट सामने आया है, जो टीके की दोनों डोज ले चुके लोगों को भी संक्रमित कर रहा है। कोविड के इस नए वैरिएंट का नाम ओमिक्राॅन (B.1.1.529) है। ओमिक्राॅन भारत समेत 63 देशों में फैल चुका है। इस नए वैरिएंट का सबसे पहला केस दक्षिण अफ्रीका में पाया गया था, बाद में यह अन्य देशों में फैला। कोरोना के इस नए वैरिएंट को ओमिक्राॅन नाम देते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे ‘वेरिएंट ऑफ कंसर्न’ के रूप में वर्गीकृत किया है। चलिए जानते हैं कि ओमिक्राॅन और डेल्टा वैरिएंट में अंतर, ओमिक्राॅन के लक्षण, इलाज और दुनिया व भारत में ओमिक्राॅन की स्थिति के बारे में।

क्या है ओमिक्राॅन

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोविड का नया वैरिएंट एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से पहुंच सकता है। कोविड की चपेट में आ चुके और वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों को भी ओमिक्राॅन से संक्रमण का जोखिम है। कोविड का नया वैरिएंट वैज्ञानिकों के लिए शोध का विषय बना हुआ है। माना जा रहा है कि ओमिक्राॅन पिछले सभी वैरिएंट की तुलना में कहीं ज्यादा संक्रामक है। हालांकि इसके कारण होने वाली बीमारी को कम गंभीर माना जा रहा है। जानिए अब तक सामने आ चुके ओमिक्राॅन के लक्षण।
ओमिक्राॅन के लक्षण

ओमिक्राॅन के लक्षण

शरीर में दर्द- विशेषज्ञ ओमिक्राॅन के लक्षण हल्के बता रहे हैं। इस संक्रमण से ग्रसित लोगों को शरीर में तेज दर्द हो सकता है। दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के मुताबिक, रात में पसीना आना ओमिक्राॅन का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

सुगंध और स्वाद प्रभावित न होना- कोविड 19 संक्रमण का आम लक्षण सुगंध और स्वाद को महसूस न करना है। हालांकि ओमिक्राॅन से संक्रमितों में यह लक्षण होना आम नहीं है।

स्क्रेची थ्रोट- ओमिक्रॉन से संक्रमित रोगियों में गले में खराश के बजाय स्क्रेची थ्रोट जैसी समस्या मिल रही है।

सूखी खांसी आना- अन्य वैरिएंट की तरह ही ओमिक्राॅन में भी खांसी के लक्षण दिखे जा रहे हैं।


डेल्टा वैरिएंट से कितना अलग है ओमिक्राॅन

-ओमिक्रोन वैरिएंट डेल्टा वैरिएंट से ज्यादा संक्रामक माना जा रहा है। कोविड के दोनों वैरिएंट में काफी अंतर है। ओमिक्राॅन में 32 म्यूटेशन देखे गए हैं।

-ओमिक्राॅन के स्पाइक प्रोटीन पर ज्यादा म्यूटेशन देखने को मिला है, जोकि डेल्टा वैरिएंट की तुलना में कहीं अधिक है।

-ओमिक्राॅन वैरिएंट से संक्रमितों में पुन: संक्रमण के मामले होने संभावना है।

ओमिक्राॅन का इलाज और बचाव का तरीका

इस नए वैरिएंट से बचाव ही सुरक्षा का सबसे कारगर उपाय है। हेल्थ एक्पर्ट्स के मुताबिक सावधानी अपनाते हुए संक्रमण से बचाव करें।

-इसके लिए भीड़ भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाकर रखें।

-सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

-लक्षण दिखने पर कोरोना टेस्ट कराएं।

-सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।

-इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए हेल्दी डाइट लें।

-नियमित योगाभ्यास करें।

दुनिया में ओमिक्राॅन के मामले

कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्राॅन अब तक दुनिया के 63 देशों में फैल चुका है। इसकी शुरुआत दक्षिण अफ्रीका से हुई। इसके बाद भारत, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बोत्सवाना, कनाडा, ब्राजील, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, चेक गणराज्य, हांगकांग, घाना, आयरलैंड, इजराइल, इटली, मोजाम्बिक, नीदरलैंड, जापान, नाइजीरिया, पुर्तगाल, नॉर्वे, रीयूनियन द्वीपसमूह, सऊदी अरब, स्पेन, स्वीडन, स्विटजरलैंड, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका और ब्रिटेन समेत कई अन्य देशों में भी इसके मामले सामने आए हैं।

भारत में ओमिक्रॉन के मामले

देश में ओमिक्रॉन के 77 मामले सामने आ चुके हैं। ओमिक्रॉन से सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में अब कुल 32 ओमिक्रॉन से संक्रमित मिल चुके हैं। वहीं राजस्थान 17, दिल्ली में 10, गुजरात में 4, कर्नाटक में 3, केरल में 5, आंध्र प्रदेश में 1, तेलंगाना में 2, पश्चिम बंगाल में 1, चंडीगढ़ में 1 और तमिलनाडु में 1 संक्रमित पाए गए हैं।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।

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