कांग्रेस के पूर्व सांसद उदित राज ने सोमवार को बीएसपी चीफ मायावती पर विवादित टिप्पणी की थी. उनके बयान पर मायावती ने अब पलटवार (Mayawati On Udit Raj) किया है. मायावती ने उदित राज को दलबदलू करार देते हुए उनके बयान को गंभीरता से नहीं लिए जाने की बात कही है. उन्होंने एक्स पर अपने पोस्ट के जरिए उदित राज को जमकर घेरा. इससे पहले उनके भतीजे आकाश आनंद ने भी उदित राज को निशाने पर लिया था. अब मायावती कांग्रेस नेता पर हमलावर हैं.

मायावती ने कांग्रेस को संविधान विरोधी करार दिया है. उन्होंने एक्स पर एक के बाद एक कई पोस्ट कर कहा कि कुछ दलबदलू अवसरवादी और स्वार्थी दलित लोग अपने आक़ाओं को खुश करने के लिए जो अनर्गल बयानबाजी आदि करते रहते हैं उनसे बहुजन समाज को सावधान रहने और उन्हें गंभीरता से नहीं लेने की जरूरत है. क्योंकि वे  सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति’ मूवमेंट से अनभिज्ञ और अपरिचित हैं.

कांग्रेस पर मायावती का हमला

बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कभी भी शोषित-पीड़ित दलितों की सोच और नीतियों पर खरी और विश्वसनीय नहीं हो सकती. उन्होंने कांग्रेस पर दलितों और वंचितों का तिरस्कार करने का आरोप लगाया. मायावती ने कहा कि कांग्रेस अपने चुनावी स्वार्थ के लिए जय बापू, जय भीम, जय मण्डल, जय संविधान’ के नाम पर चाहे जितने भी कार्यक्रम क्यों न कर ले, बाबा साहेब के अनुयाई उनके किसी भी बहकावे में आने वाले नहीं हैं. वे जागरूक, सतर्क और अपने पैरों पर खड़े होने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं.

उदित राज ने मायावती पर क्या कहा ?

उदित राज ने सोमवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीएसपी को जमकर घेरा और मायावती पर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने बीएसपी की राजनीति को दूसरी दिशा में मोड़े जाने का आरोप लगाते हुए वक्त रहते सामाजिक आंदोलन बचाने की चुनौती दी थी. मायावती पर हमलावर कांग्रेस नेता ने  कहा कि बीएसपी तथाकथित अंबेडकरवादी जाति तक तो तोड़ नहीं सकी. अब पार्टी को जातिवाद और जातीय संगठन से बाज आना चाहिए. कब तक ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य के खिलाफ बोलकर लोगों को इकट्ठा करते रहोगे.  

उन्होंने कहा कि अब खुद में बदलाव लाने की जरूरत है. मुसलमान के खिलाफ बोलकर हिंदुओं को और सवर्ण की आलोचना करके दलितों और पिछड़ों को एकजुट किया जाता है. अब इस रास्ते को छोड़ने की जरूरत है. उदित राज ने कहा कि दलित अकेले नहीं लड़ सकता. उन्होंने मायावती पर सामाजिक आंदोलन का गला घोंटने का गंभीर आरोप लगाया था. 

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *