पश्चिमी सूडान के उत्तरी दारफुर राज्य के एक गांव पर अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्स के हमले में कम से कम 18 नागरिक मारे गए और पांच अन्य घायल हो गए. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक इब्राहिम खातिर ने रविवार को बताया कि आरएसएफ मिलिशिया ने उत्तरी दारफुर में उम कददा जिले के पूर्व में जेबेल हिल्ला गांव में नरसंहार किया है.

  1. उन्होंने आरएसएफ द्वारा नागरिकों को संगठित रूप से निशाना बनाने की निंदा की. साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानदंडों का उल्लंघन बताया. साथ ही संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. 
  2. घाना नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्मॉल स्केल माइनर्स के स्थानीय अध्यक्ष कोफी एडम्स ने कहा कि सैनिकों ने शनिवार रात सोने की खदान एंग्लोगोल्ड अशांति खदान में नौ निहत्थे लोगों को मार डाला, जबकि सेना ने कहा कि गोलीबारी में सात अवैध खनिक मारे गए. साथ ही कहा कि यह लोग हथियारबंद नहीं थे. इससे पहले, घाना के सशस्त्र बलों ने कहा था कि स्थानीय रूप से निर्मित राइफलों और अन्य हथियारों से लैस करीब 60 अवैध खनिकों ने शनिवार को खदान की सुरक्षा बाड़ को तोड़ दिया और वहां तैनात एक सैन्य गश्ती दल पर गोलीबारी की. 
  3. गाजा युद्धविराम समझौते के पहले दिन हमास की कैद से रिहा की गई तीन महिलाएं इजरायल पहुंची. इन तीन महिलाओं में से 28 साल की एमिली दामरी ब्रिटिश-इजराइली हैं. व वहीं 30 साल की डोरोन स्टीनब्रेचर एक वेटेनरी नर्स हैं. रिहा की गई तीसरी महिला 23 साल की रोमी गोनेन है. गोनेन को नोवा म्‍यूजिक फेस्टिवल से अपहरण किया गया था. यह तीनों महिलाएं 471 दिन तक कैद में रहने के बाद रिहा की गई हैं. 
  4. कोलंबिया में लड़खड़ाती शांति प्रक्रिया के बीच गुरिल्ला हिंसा के कारण महज चार दिनों में 80 से अधिक लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग विसथापित हुए हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है. सेना ने तेजी से बढ़ते क्षेत्रीय युद्ध के बीच कैटाटुम्बो इलाके में करीब 5,000 सैनिकों की तैनाती की है. अधिकारियों ने कहा कि नेशनल लिबरेशन आर्मी (ईएलएन) सशस्त्र समूह ने पिछले गुरुवार को कैटाटुम्बो में एक प्रतिद्वंद्वी समूह पर हमला किया, जिसमें अब समाप्त हो चुके एफएआरसी गुरिल्ला बल के पूर्व सदस्य शामिल थे.  
  5. बांग्लादेश में रविवार को पांच स्‍वास्थ्‍यकर्मियों को हत्‍या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उन पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में पिछले साल की तख्‍तापलट की घटना के दौरान मारे गए एक व्यक्ति को सहायता प्रदान करने में विफल रहने का आरोप लगाया गया था. 

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