बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर क्षेत्र में हुए दर्दनाक नाव हादसे में सुरक्षित बचाए गए बच्चों ने घटना के डरावने मंजर को बयां किया है। हादसे में घायल कई बच्चों का इलाज चल रहा है, जबकि सुरक्षित बचे बच्चों ने इस दुर्घटना की पूरी कहानी साझा की है।

बच्चों ने बताई नाव में छेद होने की बात
हादसे में बचे आदित्य कुमार नामक बच्चे ने बताया कि उस नाव पर करीब पच्चीस लोग सवार थे। उसने जानकारी दी कि नाव में एक छोटा सा छेद था जिससे धीरे-धीरे पानी अंदर आने लगा और अंततः नाव पलट गई। जो लोग समय रहते नाव से उतरने में सफल नहीं रहे, वे डूब गए। आदित्य ने बताया कि उसके दादाजी ने उसकी जान बचाई और एक अन्य व्यक्ति ने उसे तैरकर किनारे तक पहुंचाया।
अचानक पलटने लगी थी नाव
एक अन्य बच्चे अभिराज ने बताया कि नाव में लगभग बीस लोग सवार थे और अचानक उसके पलटने का सिलसिला शुरू हो गया। पूरी तरह पलटने से पहले ही वह पानी में कूद गया, जबकि उसके साथ के अन्य लोग डूब गए। अंश नामक एक और बच्चे ने भी पुष्टि की कि नाव में छेद होने की वजह से पानी रिस रहा था। एक व्यक्ति ने पानी बाहर निकालने का प्रयास भी किया, लेकिन आगे बढ़ने पर पानी का बहाव और तेज हो गया जिससे पूरी नाव पानी से भर गई और पलट गई।
प्रशासनिक लापरवाही और नेताओं की प्रतिक्रिया
इस दुर्घटना के बाद जर्जर नाव के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी पटना पहुंचकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ग्रामीणों द्वारा पहले से नाव की मांग किए जाने के बावजूद उसे उपलब्ध न कराया जाना प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
