रिम्स के कैंसर भवन में सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी, दवा दलालों की दखल पर आंतरिक जांच में पुष्टि

रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के कैंसर भवन में मरीजों से अधिक पैसे वसूलने और दलालों की सक्रियता का मामला सामने आने के बाद प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। आंतरिक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि कैंसर भवन में दवा प्रतिनिधियों और दलालों का हस्तक्षेप लगातार बना हुआ है। इस पूरे मामले में रिम्स के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता का अंदेशा भी मजबूती के साथ जताया गया है, जिसके बाद से अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है।

रिम्स के कैंसर भवन में सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी, दवा दलालों की दखल पर आंतरिक जांच में पुष्टि

जांच समिति के प्रमुख सुझाव और सुरक्षा प्रबंध

दलालों की मनमानी और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जांच कमेटी ने कड़े कदम उठाने की सिफारिश की है। कमेटी ने सुझाव दिया है कि पूरे कैंसर भवन परिसर में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाई जाए और साथ ही सीसीटीवी कैमरों की संख्या में भी इजाफा किया जाए ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। जानकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि ये दलाल और एजेंट दवाओं के खरीद मूल्य और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के बीच के बड़े अंतर का गलत फायदा उठाते हैं। इसी अंतर का लाभ उठाकर वे मरीजों के सीधे परिजनों से कई गुना अधिक रकम ऐंठते हैं, जिससे आम लोगों को भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता और जन औषधि केंद्र की योजना

मरीजों को अस्पताल परिसर के भीतर ही सुगमता से जरूरी इलाज और दवाइयां मिल सकें, इसके लिए जांच समिति ने कई व्यावहारिक सुझाव दिए हैं। समिति ने रिम्स प्रबंधन से आग्रह किया है कि ऐसी जीवनरक्षक दवाओं की एक व्यापक सूची तैयार की जाए जो वर्तमान में रिम्स की फार्मेसी में उपलब्ध नहीं हैं। इन चिन्हित दवाओं को जन औषधि और अमृत फार्मेसी के जरिए उपलब्ध कराने की उचित व्यवस्था करने की बात कही गई है ताकि जरूरतमंद मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके अतिरिक्त, कैंसर के मरीजों को कम कीमत पर और सस्ती दरों पर दवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैंसर भवन के भीतर ही एक प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने का विचार किया जा रहा है। इसके लिए कैंसर के इलाज में रोजाना उपयोग होने वाली आवश्यक दवाओं की सूची तैयार कर उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने की पुख्ता योजना बनाई जा रही है। योजना के अनुसार, दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से इस विशेष सूची के आधार पर दवाएं उपलब्ध कराने का आधिकारिक आग्रह भी किया जाएगा, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।

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