देवोत्थान एकादशी के समापन के बाद नवंबर 2026 में शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की धूम शुरू हो जाएगी। मिथिला पंचांग के अनुसार, इस महीने भगवान विष्णु के योगनिद्रा से जागने के बाद गृह प्रवेश, मुंडन, द्विरागमन और विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए कई बेहतरीन मुहूर्त मिल रहे हैं।

देवउठनी एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं और ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा के बाद जागते हैं। इस बार यह एकादशी 20 नवंबर को मनाई जाएगी। भगवान के जागने के साथ ही सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों पर लगी रोक हट जाती है और नए कार्यों की शुरुआत होती है।
नवंबर 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त
मिथिला पंचांग के अनुसार नवंबर महीने में शादी के लिए कुल चार तारीखें तय की गई हैं:
- 22 नवंबर 2026: इस दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ रवि प्रदोष व्रत का संयोग है।
- 25 नवंबर 2026: मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि।
- 26 नवंबर 2026: मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि।
- 30 नवंबर 2026: मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि।
गृह प्रवेश और गृह आरंभ की तारीखें
नया मकान बनवाने या नए घर में प्रवेश करने के लिए भी नवंबर में कई अच्छे योग बन रहे हैं। नए घर की नींव यानी गृह आरंभ के लिए 20, 21, 26 और 27 नवंबर की तारीखें बेहद शुभ मानी गई हैं। वहीं नए घर में प्रवेश यानी गृह प्रवेश के लिए 14, 19, 20 और 21 नवंबर का दिन उत्तम रहेगा।
मुंडन और द्विरागमन (गौना) के मुहूर्त
संस्कारों की बात करें तो नवंबर में मुंडन के लिए केवल एक ही मुख्य मुहूर्त है। मिथिला पंचांग के अनुसार 22 नवंबर 2026 को रविवार के दिन मुंडन संस्कार कराना सबसे अच्छा रहेगा। इसके अलावा द्विरागमन यानी गौना के लिए 22, 25, 26 और 29 नवंबर की तारीखों को शुभ घोषित किया गया है।
