अयोध्या नगरी इस बार दीपोत्सव के अवसर पर 30 लाख से अधिक दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। इस भव्य आयोजन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला की आरती की और शहर में निकाली गई शोभायात्रा का स्वागत किया।

रामकथा पार्क में त्रेतायुग की जीवंत झलक
रामकथा पार्क में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान त्रेतायुग का दृश्य प्रस्तुत किया गया। 14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी के प्रसंग को मंच पर दिखाया गया। पुष्पक विमान के प्रतीक हेलीकॉप्टर से सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ भगवान राम के स्वरूप पहुंचे, जिनका स्वागत मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने किया। इसके बाद प्रतीकात्मक राज्याभिषेक और आरती का आयोजन संपन्न हुआ।
56 घाटों पर सजे 30 लाख से ज्यादा दीप
इस वर्ष सरयू नदी के 56 घाटों को 30 लाख से अधिक दीपों से सजाया गया था। राम की पैड़ी सहित सभी निर्धारित घाटों पर स्वयंसेवकों ने दीप व्यवस्थित कर उनमें बाती और तेल डालने का कार्य पूरा किया था। दीपों के प्रज्वलन से पूरी रामनगरी का वातावरण और अधिक अलौकिक हो गया।
आधुनिक तकनीक और पारंपरिक झांकियों का अनूठा संगम
समारोह को विशेष बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया गया। आयोजन के दौरान 2100 स्वदेशी ड्रोन के माध्यम से आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों का चित्रण किया गया। इसके अलावा, रामकथा पार्क के पास 220 टन बालू से विशाल राम दरबार की प्रतिकृति तैयार की गई। कार्यक्रम में पहली बार 151 वर्ष पुरानी साहबगंज रामलीला का मंचन भी किया गया और रामायण पर आधारित 21 भव्य झांकियां निकाली गईं, जिन्हें देखने के लिए रामपथ पर भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
