अमेरिका की शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग (Hindenburg Research) के बंद होने के ऐलान के बाद गुरुवार को जहां शेयर मार्केट में अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया. वहीं, एक्सपर्ट्स भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. अरावली फोरम के प्रमुख रजत सेठी ने आशंका जताई कि हिंडनबर्ग जैसे दूसरे रिसर्च संस्थान भविष्य में आते रहेंगे. क्योंकि फ्री वर्ल्ड में उनको रिपोर्ट पब्लिश करने से रोक पाना संभव नहीं है. वो हम पर लगातार आरोप लगाएंगे. इसलिए विपक्ष को पहले से ज्यादा जिम्मेदारी से पेश आने की जरूरत है.

सेठी कहते हैं, “SEBI की यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वो छोटे निवेशकों को जागरूक करे. निवेशकों को यह बताना होगा कि इस तरह की किसी रिपोर्ट पर जब तक हम कोई राय न दे दें. वो मार्कट को लेकर कोई धारणा न बनाएं. इसके साथ ही भारत की संस्थाओं को मजबूती से पेश आना होगा.” 

अरावली फोरम के प्रमुख रजत सेठी का कहना था कि इससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि इस तरह की रिपोर्ट पर विपक्ष को जिम्मेदारी से पेश आना चाहिए. विपक्ष को विदेशी संस्थाओं की रिपोर्ट से अधिक अपने देश में SEBI और सुप्रीम कोर्ट जैसी संस्थाओं पर अधिक भरोसा करना चाहिए. 

 

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