दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के मामले में अब आधिकारिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ चुकी है, जिससे उनकी मौत की असल वजह स्पष्ट हो गई है। डॉक्टरों और पुलिस की शुरुआती जानकारियों के बाद आई इस रिपोर्ट ने मौत से जुड़ी तमाम उलझनों को दूर कर दिया है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर की मौत पूरी तरह नेचुरल थी। अभिनेता को दिल से जुड़ी पुरानी बीमारी थी और घटना वाली रात उनके हृदय को रक्त पहुंचाने वाली मुख्य नस में एक ब्लड क्लॉट यानी खून का थक्का जम गया था। इस वजह से दिल तक खून का पहुंचना पूरी तरह बाधित हो गया और उन्हें अत्यंत गंभीर दिल का दौरा पड़ा, जिससे उनका निधन हो गया।
घटना की उस रात क्या हुआ था?
गोवा के मणिपाल अस्पताल के डॉक्टर शेखर सालकर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, घटना की रात करीब ढाई बजे अभिनेता ने अपने गोवा स्थित फ्लैट पर सीने में तेज दर्द और बेचैनी महसूस की थी। उन्होंने अपने करीबी दोस्त अमेय नाईक को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर अपनी खराब तबीयत की जानकारी दी थी। हालांकि, रात का समय होने के कारण संदेश तुरंत नहीं देखा जा सका। सुबह करीब साढ़े तीन बजे जब उनके दोस्त ने संदेश देखा, तो वे तुरंत उनके फ्लैट पर पहुंचे।
फ्लैट पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि अभिनेता सोफे पर अचेतन अवस्था में थे और पसीने से भीगे हुए थे। तुरंत गार्ड और केयरटेकर को बुलाकर अस्पताल से एंबुलेंस मंगाई गई। डॉक्टरों की टीम ने घर पर और अस्पताल ले जाते वक्त लगातार 45 मिनट तक सीपीआर देकर उनकी सांसें वापस लाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन शरीर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और सुबह पांच बजकर बीस मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने की वजह
कई लोगों के मन में यह सवाल था कि यदि मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी, तो पुलिस ने इस मामले में केस क्यों दर्ज किया। कानूनी नियमों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत लाया जाता है, तो पुलिस के लिए औपचारिक जांच करना और मामला दर्ज करना अनिवार्य होता है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत पणजी पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस ने उनके बेटे मल्हार और भतीजे प्रसाद से भी बातचीत की, और परिवार ने किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनहोनी की आशंका से साफ इंकार किया है।
