रांची के मोरहाबादी वेंडर मार्केट में खाद्य सुरक्षा जांच, चाट और पनीर के नमूने फेल

राजधानी रांची के मोरहाबादी वेंडर मार्केट में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा की गई छापेमारी में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच के दौरान चाट के नमूनों में औद्योगिक रंग मिलने की पुष्टि हुई, जबकि पनीर के नमूने भी निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।

रांची के मोरहाबादी वेंडर मार्केट में खाद्य सुरक्षा जांच, चाट और पनीर के नमूने फेल

खाद्य सुरक्षा प्रशासन की छापेमारी और जांच

संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज प्रसाद के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत कुल 40 स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने 22 खाद्य नमूनों की जांच की और मौके पर ही मिलावटी खाद्य पदार्थों को नष्ट किया। अभियान के दौरान सॉस में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, रंगों की गुणवत्ता, ब्रांड और उनकी मात्रा की भी बारीकी से जांच की गई। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ पवन कुमार, अमित कुमार राम, नम्रता महतो, मनीषा, सौरभ सिंह और रवि हांसदा भी शामिल रहे।

जुर्माने की राशि को लेकर सवाल और कड़ी कार्रवाई की मांग

वेंडर मार्केट में नियमों का उल्लंघन करने वाले स्टॉल संचालकों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान सामने आया है। हालांकि, खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में इस मामूली जुर्माने की राशि को नाकाफी बताते हुए कड़ा विरोध जताया गया है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों के आपूर्ति स्रोतों की भी गहरी जांच होनी चाहिए और नियमों तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।

शहर में पहले भी पकड़े जा चुके हैं मिलावटी खाद्य पदार्थ

रांची और उसके आसपास के क्षेत्रों में मिलावट के खिलाफ पूर्व में भी कई बड़ी कार्रवाई हो चुकी हैं। छह अगस्त 2026 को रातू रोड इलाके से 800 किलो से अधिक मिलावटी पनीर और खोवा जब्त किया गया था, जिसे बाद में झिरी में नष्ट किया गया था। शुरुआती जांच में उसमें स्टार्च मिलाए जाने के संकेत मिले थे। इसके अलावा 17 जुलाई 2025 को ओरमांझी क्षेत्र में 560 किलो पनीर, 20 किलो क्रीम और 20 किलो घी की बड़ी खेप पकड़ी गई थी, जिसे जांच के बाद अमानक पाए जाने पर नष्ट कर दिया गया था।

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