बीजेपी ने दिल्ली के नए मुख्यमंत्री की घोषणा कर दी है. रेखा गुप्ता दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री बनेंगी. रामलीला मैदान में एक भव्य समारोह में गुरुवार को वो मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी. 26 साल बाद दिल्ली में बीजेपी की सरकार बन रही है.

दिल्ली का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसको लेकर लगातार अलग-अलग नामों पर चर्चा हो रही थी. लेकिन बीजेपी विधायक दल की बैठक में रेखा गुप्ता के नाम पर मुहर लगी. दिल्ली बीजेपी कार्यालय में 48 विधायकों ने विधानसभा में सदन का नेता चुना, जो गुरुवार को मुख्यमंत्री बनेगा.

नेता चुने जाने के बाद अब भावी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राजनिवास में दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मुलाकात करेंगी.

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बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद रविशंकर प्रसाद और ओपी धनखड़ को पर्यवेक्षक चुना गया. ये दोनों दिल्‍ली बीजेपी विधायक दल की बैठक में शामिल हुए और नया मुख्‍यमंत्री चुनने की प्रक्रिया कराई.

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इधर रामलीला मैदान में नयी सरकार के भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं. ये समारोह सुबह 11 बजे से शुरू होगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे. कुछ विशिष्ट मेहमानों सहित लगभग 50,000 लोगों के इस समारोह में भाग लेने की संभावना है.

27 साल बाद दिल्ली में बीजेपी की मुख्यमंत्री

बता दें कि भाजपा ने दिल्ली में 27 साल बाद स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से उन्होंने 48 सीटें जीती हैं, जबकि आम आदमी पार्टी को 22 सीटें मिली हैं. कांग्रेस का खाता नहीं खुला है. इससे पहले भाजपा ने 1993 में 49 सीट जीतकर दो तिहाई बहुमत हासिल किया था, जिसके बाद मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज मुख्यमंत्री बनीं.

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1998 के बाद, कांग्रेस ने 15 साल तक शासन किया और 2013 से आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाई थी. इस चुनाव में भाजपा ने 71 फीसदी स्ट्राइक रेट के साथ 40 सीटें जोड़ी हैं. पार्टी ने 68 सीटों पर चुनाव लड़ा था. दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी को 40 सीटों का नुकसान हुआ, और उनका स्ट्राइक रेट 31 फीसदी रहा.

भाजपा ने पिछले चुनाव (2020) के मुकाबले अपने वोट शेयर में 9 फीसदी से अधिक की वृद्धि की है, जबकि आप का वोट शेयर लगभग 10 फीसदी घटा है. कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली, लेकिन उन्होंने अपने वोट शेयर में 2 फीसदी की वृद्धि की है.

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