सुपरटेक द्वारा बनाए जा रहे 16  प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत. इसके अलावा मामले पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने YEIDA द्वारा भूमि आवंटन को रद्द करने पर रोक लगाई गई.1 साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा या यमुना प्राधिकरण द्वारा लीज रद्द करने के आदेश पर भी रोक लगा दी.

CJI ने कहा कि इस  फैसले से बड़ी संख्या में फ्लैट खरीदार प्रभावित हुए हैं. उन्होंने नोटिस जारी कर 24 मार्च तक जवाब देने का निर्देश देते हुए कहा कि विचार करने के लिए प्राथमिक मुद्दा यह है कि क्या NCLAT ने IBC अधिनियम के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना NBCC इंडिया लिमिटेड को निर्माण करने की अनुमति दी. सुप्रीम कोर्ट ने आज NCLAT के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें NBCC को सुपरटेक की 16 परियोजनाओं को अपने हाथ में लेने के लिए नियुक्त किया गया था.

साथ ही, न्यायालय ने इस बात की जांच करने पर सहमति जताई है कि क्या ट्रिब्यूनल ने NBCC को नियुक्त करने में IBC प्रक्रिया का पालन किया है. न्यायालय ने अब RP से कहा है कि वह अपना काम फिर से शुरू करे और NBCC को कोई भी काम/जिम्मेदारी न सौंपे. न्यायालय ने अन्य सभी इच्छुक संस्थाओं से भी कहा है कि वे ST परियोजनाओं को अपने हाथ में लेने के संबंध में अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करें. न्यायालय इस मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को करेगा.

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