इस दौरान किसी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. इसके बाद कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन जागृत होते हैं, जिसे देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस दिन से सभी शुभ कार्य शुरु होते हैं.
सच परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं
इस दौरान किसी तरह के मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं. इसके बाद कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन जागृत होते हैं, जिसे देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस दिन से सभी शुभ कार्य शुरु होते हैं.