अमरीश पुरी (Amrish Puri) अपनी आवाज और अपनी बेहतरीन एक्टिंग के दम पर आज भी फैंस के दिलों पर राज करते हैं. अन्य स्टारकिड्स की तरह उनके बच्चों ने फिल्म इंडस्ट्री में करियर नहीं बनाया, लेकिन उनके ग्रैंडसन वर्धन पुरी (Vardhan Puri) उनके रास्ते पर चलते हुए फिल्मों में करियर बना रहे हैं. पांच साल की उम्र में अमरीश पुरी ने पोते वर्धन पुरी को पंडित सत्यजीत दुबे से इंट्रोड्यूज कराया था. तब कुछ छोटे- मोटे रोल उन्होंने फिल्मों में किए. वर्धन चाहे अमरीश पुरी जैसे बड़े एक्टर के नाती हों, फिर भी उन्होंने फिल्मों में रोल के लिए काफी स्ट्रगल किया.

 2019 में वर्धन पुरी ने ‘ये साली आशिकी’ फिल्‍म से डेब्यू किया और कम ही लोगों को पता होगा कि वह अमरीश पुरी के पोते हैं. अन्य नेपो किड की तरह कभी उनका नाम नहीं लिया गया कि उन्हें उनके ग्रैंड फादर के कारण फिल्में मिली. वह कहते हैं कि मैंने थिएटर से करियर शुरू किया. जब तक मेरे दादाजी जिंदा थे, मैं थिएटर कर रहा था. मैंने एक्टिंग घर से सिखा. लेकिन मेरे दादाजी ने यह सिखाया कि लाइफ में कुछ बनना है तो अपने दम पर बनो और मेहनत करो.एक इंटरव्यू में वर्धन ने बताया था कि उनके दादाजी को अनुशासन बेहद पसंद था. चाहते थे कि जितना हो सके, मैं सेट से दूर रहूं, क्योंकि एक-दो बार सेट पर गया, तब ऐसा ट्रीटमेंट मिला कि, मानो कहीं का राजा हूं. यह देखकर दादू डर गए कि लड़का बहुत छोटा है, इसे लगेगा यह कोई स्पेशल बच्चा है. बच्चों को जितना हो सके, उतना नॉर्मल जीवन बढ़िया होता है.

5 साल की उम्र में ही सिनेमा के प्रति लगाव वर्धन को समझ आ गया था. उन्होंने बचपन से सेट पर काम करना शुरू कर दिया. वह सेट पर सबसे जूनियर-सबसे सहायक थे. उन्होंने चाय परोसने और फर्श पर झाडू लगाने जैसे काम भी किए और छोटे- छोटे रोल किए. 2019 में निर्देशक विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ये साली आशिकी में उन्होंने लीड रोल किया. उनकी दूसरी फिल्म द लास्ट शो थी.

वर्धन के डैड यानी अमरीश पुरी के बेटे राजीव पुरी मर्चेंट नेवी में रहे हैं. ऐसे में उन्हें पिता से भी करियर में कोई मदद नहीं मिली. वर्धन कुल 3 फिल्में साइन की थी, लेकिन कोरोना के वो फिल्में टल गईं. हालांकि अब अच्छे रोल का उन्हें इंतजार है. साथ ही वह अपनी लिखी कुछ कहानियों पर भी काम कर रहे हैं.

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