रविवार की दोपहर, जब रिटायर्ड डीजीपी ओम प्रकाश अपने घर के डाइनिंग टेबल पर दोपहर का भोजन कर रहे थे, तब उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि उनकी थाली में परोसी मछली के साथ उनकी जिंदगी का आख़िरी निवाला भी परोसा जा चुका है.
सच परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं
रविवार की दोपहर, जब रिटायर्ड डीजीपी ओम प्रकाश अपने घर के डाइनिंग टेबल पर दोपहर का भोजन कर रहे थे, तब उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि उनकी थाली में परोसी मछली के साथ उनकी जिंदगी का आख़िरी निवाला भी परोसा जा चुका है.