झारखंड के बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी की मांग पर आंदोलित विस्थापित युवाओं पर लाठी चार्ज में एक युवक की मौत की घटना पर शहर में बवाल जारी है. बोकारो की उपायुक्त विजया जाधव के निर्देश पर पुलिस ने बोकारो स्टील प्लांट के मुख्यालय इस्पात भवन के समक्ष सीआईएसएफ और विस्थापितों के बीच हिंसक टकराव की घटना के लिए बीएसएल (बोकारो स्टील लिमिटेड) के मुख्य महाप्रबंधक हरि मोहन झा को गिरफ्तार कर लिया है. घटना के विरोध में शुक्रवार को बुलाए गए बोकारो बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कम से कम तीन बसों सहित पांच गाड़ियों में आग लगा दी. कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई है. शहर के तमाम इलाके पूरी तरह बंद हैं. बंद समर्थकों ने दुंदीबाग हाट में एक दुकान में भी आग लगा दी. हालांकि, इस पर थोड़ी देर बाद ही काबू पा लिया गया.

मृतक के परिजनों को 20 लाख मुआवजा

बोकारो शहर में जिस तेनुघाट डैम की नहर के जरिए पानी पहुंचता है, उसे आंदोलनकारियों ने काट दिया है. इससे शहर में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई है. इस बीच जिला प्रशासन और बीएसएल प्रबंधन ने आंदोलन कर रहे विस्थापित अप्रेंटिस संघ की सभी मांगें मान ली हैं. प्लांट में ट्रेनिंग पूरी कर चुके सभी विस्थापित अप्रेंटिस ट्रेनीज को बीएसएल प्रबंधन 21 दिनों में पद सृजित कर तीन माह के अंदर नियुक्ति देगा. प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए विस्थापित युवाओं को कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. लाठीचार्ज में मारे गए मृतक के परिजनों को 20 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति बनी है. लाठीचार्ज में घायल हुए लोगों का बोकारो जेनरल हॉस्पिटल में मुफ्त उपचार होगा और प्रत्येक का 10,000 रुपए मुआवजे का भुगतान किया जाएगा.

यह भी तय हुआ है कि अन्य मांगों के लिए बीएसएल विस्थापितों के साथ प्रति माह की 15 तारीख को जिला नियोजन पदाधिकारी एवं अपर समाहर्ता की उपस्थिति में बैठक होगी. बोकारो की उपायुक्त ने सीआईएसएफ और विस्थापितों के बीच टकराव की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है. यह कमेटी बीएसएल प्रशासनिक भवन के सीसीटीवी और मीडिया से प्राप्त फुटेज के साथ अन्य माध्यमों से साक्ष्य जुटा रही है. बोकारो स्टील प्लांट में नौकरी की मांग को लेकर आंदोलित विस्थापितों पर गुरुवार की देर शाम लाठीचार्ज में एक युवक की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद शहर में बवाल मच गया है.

इस घटना के विरोध में विस्थापितों के संगठन के अलावा आजसू पार्टी, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा सहित कई दलों ने शुक्रवार को बंद बुलाया था, जिसका सुबह से ही व्यापक असर देखा गया. बोकारो की कांग्रेस विधायक श्वेता सिंह, डुमरी के विधायक जयराम महतो सहित कई नेता सड़कों पर उतर आए। शहर में जगह-जगह सड़कें जाम कर दी गई. ज्यादातर इलाकों में दुकानें भी बंद करा दी गई.

बोकारो स्टील प्लांट के निर्माण के दौरान विस्थापित और प्लांट में अप्रेंटिस का प्रशिक्षण लेने वाले विस्थापित युवा नियोजन-नौकरी की मांग को लेकर गुरुवार को इस्पात भवन के मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे. शाम करीब 5 बजे आंदोलित प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर इस्पात भवन (बोकारो स्टील प्लांट मुख्यालय) के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की, तो वहां सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया. इसमें चार विस्थापित युवा घायल हो गए, जिनमें से एक की इलाज के दौरान देर रात मृत्यु हो गई। मृतक प्रेम महतो (32) हरला थाना क्षेत्र के शिबूटांड़ गांव का रहने वाला था.

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