पीड़िता का कहना है कि भीड़ के सामने कोई मनचला एक महिला को छेड़ रहा है, वो मदद के लिए चीख रही है, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं कर रहा. यह इस दौर के समाज की एक बड़ी खामी.
सच परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं
पीड़िता का कहना है कि भीड़ के सामने कोई मनचला एक महिला को छेड़ रहा है, वो मदद के लिए चीख रही है, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं कर रहा. यह इस दौर के समाज की एक बड़ी खामी.