पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बीपीएससी की 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे छात्रों के समर्थन में रविवार को बिहार बंद का आह्वान किया था. जिसका असर आज राज्य के कई शहरों में देखने को मिल रहा है. पप्पू यादव के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और बिहार के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन कर रहे हैं. ये सभी बीपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं.

पटना में शनिवार को एक प्रेस वार्ता में पप्पू यादव ने कहा था, “बीपीएससी परीक्षा अब मुद्दा नहीं है. मुद्दा है देश की परीक्षाओं का पेपर लीक होना. आज बीपीएससी, कल सिपाही भर्ती, परसों क्लर्क परीक्षा, तरसों मेडिकल परीक्षा का पेपर लीक होना. हाल-फिलहाल में ही मेडिकल परीक्षा से संबंधित कागजात और जले एडमिट कार्ड जदयू विधायक के भतीजे के कमरे से मिले हैं. जो भी पेपर लीक हो रहा है, चाहे वो संजीव मुखिया हो या कोई परीक्षा माफिया हो, माफियाओं का रिश्ता किसी न किसी बड़े नेताओं या उनके रिश्तेदारों से रहा है.”

बच्चों का भविष्य बर्बाद करने की साजिश

उन्होंने कहा कि भविष्य की सभी परीक्षाओं में बच्चों के भविष्य को बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है. बिना सरकार और पदाधिकारियों के मिलीभगत से पेपर लीक नहीं हो सकता है. इसलिए हम लोग, चंद्रशेखर रावण की पार्टी, ओवैसी की पार्टी और सांसद हनुमान बेनीवाल ने समर्थन का निर्णय लिया है. 31 मार्च से जो सदन चलेगा, उसमें हम लोग नहीं चलने देंगे। हम लोग चाहेंगे कि सदन में इसकी व्यापक चर्चा हो.

उन्होंने कहा, “बीपीएससी के चार लाख अभ्यर्थियों के आंदोलन को कुछ राजनीतिक दलों और कोचिंग माफियाओं और कुछ एजेंट टाइप के लोगों द्वारा कमजोर किया गया. मेरा बच्चों के भविष्य से राजनीति का कोई इरादा नहीं है. 12 जनवरी को बिहार बंद बुलाया गया है, जिसका बीपीएससी छात्रों ने समर्थन किया है.”

पप्पू यादव ने रखी ये मांगे

पप्पू यादव ने कहा कि हमारी मांग है कि बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा को रद्द किया जाए और दोबारा आयोजित किया जाए. इसके अलावा अलग से कोर्ट में केस फाइल किया है कि छात्रों के ऊपर जो केस हुआ है, उसे हटाया जाए. 

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