दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पांच फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपने-अपने प्रचार को धार देने के वास्ते गानों का इस्तेमाल कर रही हैं. वहीं, कांग्रेस ने अब तक अपना प्रचार गीत जारी नहीं किया है. हालांकि उसने अपना प्रचार नारा जारी कर दिया है.

भाजपा ने पांच जनवरी को 2.26 मिनट का एक प्रचार गीत जारी किया था, जिसके बोल- ‘बहाने नहीं, बदलाव चाहिए’ हैं. वहीं, ‘आप’ ने मंगलवार को 3.29 मिनट का गाना ‘फिर लाएंगे केजरीवाल’ जारी किया.

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी जल्द ही अपना प्रचार गीत जारी करेगी. बुधवार को एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने पार्टी के चुनावी नारे के बैनर तले एक स्वास्थ्य योजना की घोषणा की, जिसमें लिखा है ‘होगी हर जरूरत पूरी, कांग्रेस है जरूरी’.

भाजपा सांसद मनोज तिवारी द्वारा गाया गया पार्टी का गीत, दिल्ली में उसके शासन में एक “नई पहचान” की आवश्यकता पर जोर देता है. गीत में ‘आप’ सरकार की कथित विफलताओं का उल्लेख किया गया है तथा उस पर ‘झूठे वादे’ करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है.

इसके बोल हैं- ‘झूठे वादों को तगड़ी फटकार चाहिए, बहाने नहीं, बदलाव चाहिए’. इसकी पंक्तियां भाजपा के इस बात पर जोर दिये जाने को दर्शाती हैं कि ‘आप’ सरकार काम करने में विफल रही है.

गीत में 2020 के दिल्ली दंगों और यमुना नदी प्रदूषण का भी उल्लेख किया गया है. इसमें कहा गया है, ‘दंगों का दाग अब नहीं, यमुना में झाग अब नहीं.’ इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के नवीनीकरण में कथित फिजूल खर्ची का मुद्दा उठाते हुए कहा गया है कि “शीशमहल बनाया खुद का, जनता के पैसों से.”

दूसरी ओर, ‘आप’ के प्रचार गीत में उसके कार्यकाल के दौरान की कुछ उपलब्धियों का उल्लेख किया गया है तथा इसका उद्देश्य मतदाताओं के साथ तालमेल बिठाना है. केजरीवाल के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए इस गीत में उन्हें ‘दिल्ली का लाल’ बताया गया है.

इसमें पिछले दशक में पार्टी की उपलब्धियों पर जोर दिया गया है, जिसमें मुफ्त बिजली और पानी, शिक्षा में प्रगति और सस्ती स्वास्थ्य सेवा का उल्लेख है. इस गीत में ‘दिल्ली में बिजली पानी मुफ़्त रखता है बस अपना केजरीवाल’ जैसी पंक्तियां हैं.

यह गीत महिला सुरक्षा और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर सरकार के जोर को भी रेखांकित करता है, तथा इसके बोल फ्लाईओवर बनाने और सार्वजनिक धन की बचत के लिए केजरीवाल की प्रशंसा करते हैं. दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीट पर पांच फरवरी को मतदान होगा, जबकि मतगणना आठ फरवरी को होगी.

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