ट्रंप टैरिफ (Trump Tariff) ने ग्लोबल मार्केट में भूचाल ला दिया है. आज यानी सोमवार, 8 अप्रैल को एशियाई शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले. वहीं,  जापान, हॉन्ग कॉन्ग, ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े मार्केट्स में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. इसकी सबसे बड़ी वजह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी. ट्रंप की तरफ से लगाए गए भारी इम्पोर्ट टैक्स के जवाब में चीन ने भी अमेरिका पर सख्त टैरिफ लगा दिए. इस ट्रेड वॉर (Trade War) के डर से दुनिया भर के निवेशक घबरा गए और जमकर शेयर बेचने लगे.

जापान और हॉन्ग कॉन्ग में बड़ी गिरावट

जापान के Nikkei 225 इंडेक्स में सोमवार को 7% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली, जबकि TOPIX इंडेक्स लगभग 9.6% तक गिर गया, जो अगस्त के बाद सबसे निचला स्तर है. हॉन्ग कॉन्ग का Hang Seng इंडेक्स 9.28% गिर गया और 21 हज़ार के करीब आ गया.इस गिरावट के बाद जापान में फ्यूचर ट्रेडिंग को रोकना पड़ा, यानी सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा. इस तरह की गिरावट मार्केट में डर और पैनिक का साफ संकेत देती है.

चीन, ताइवान और ऑस्ट्रेलिया में भी नुकसान

चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 4.21% गिरा. ताइवान का शेयर मार्केट 9.8% तक गिर गया. ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख इंडेक्स 6% तक टूट गया.ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि इन्वेस्टर्स को लग रहा है कि ट्रेड वॉर की वजह से ग्लोबल ग्रोथ पर असर पड़ेगा और कंपनियों के मुनाफे में बड़ी गिरावट हो सकती है.

अमेरिकी मार्केट में भी दवाब

सिर्फ एशियाई मार्केट ही नहीं, अमेरिका के शेयर फ्यूचर्स में भी बड़ी गिरावट देखी गई. Nasdaq और S&P 500 फ्यूचर्स में 4-5% तक गिरावट दर्ज हुई. इसका सीधा मतलब है कि आज अमेरिकी बाजार खुलते ही और ज्यादा गिर सकते हैं. इसके साथ ही डॉलर कमजोर हुआ है और ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड गिर गई है, जो दिखाता है कि इन्वेस्टर्स अब तेजी से सेफ इन्वेस्टमेंट की तरफ भाग रहे हैं.

6 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान

ट्रंप के टैरिफ एक्शन के बाद अमेरिकी कंपनियों के ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू साफ हो चुकी है. ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी के बाद पिछले कुछ दिनों में दुनिया भर के शेयर बाजारों से करीब 6 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू साफ हो गई है.

शेयर बाजार में गिरावट पर ट्रंप का बयान

रविवार को ट्रंप ने यह इनकार किया कि वो जानबूझकर शेयर बाजार में गिरावट ला रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें मार्केट रिएक्शन का अंदाजा नहीं था और जब तक दूसरे देशों के साथ व्यापार घाटे (Trade Deficit) का समाधान नहीं होता, तब तक वो कोई डील नहीं करेंगे.

ट्रंप ने कहा, कभी-कभी किसी चीज को ठीक करने के लिए दवा लेनी ही पड़ती है. ट्रंप का कहना है कि ये मार्केट में गिरावट सिर्फ मेडिसीन की तरह है, जो लॉन्ग टर्म में फायदा पहुंचाएगी. लेकिन फिलहाल इन्वेस्टर्स को सिर्फ नुकसान ही दिख रहा है.

Air Force One में रिपोर्टर्स से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस मसले पर दुनिया के कई नेताओं से बातचीत की है और कहा कि वो सब डील करने को बेताब हैं.

तेल और गोल्ड की कीमतों में गिरावट

इस गिरावट का असर कमोडिटी मार्केट पर भी पड़ा है. अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 60 डॉलर से नीचे चली गई, जो 2021 के बाद सबसे कम है. ब्रेंट क्रूड भी करीब 63 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है.गोल्ड की कीमत में भी 0.7% की गिरावट आई है और यह 3,013 डॉलर प्रति औंस तक आ गया है.

फेड रेट कट की उम्मीद बढ़ी

अब उम्मीद लगाई जा रही है कि अमेरिकी सेंट्रल बैंक  फेडरल रिजर्व(Federal Reserve) जल्द ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. फेड फंड फ्यूचर्स ये दिखा रहे हैं कि मई में ही रेट कट का चांस 63% तक पहुंच चुका है
 

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