उत्तर प्रदेश के अयोध्या शहर को एक अभेद्य किले के तौर पर तबदील कर दिया गया है. जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा के और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. दरअसल, फरीदाबाद से संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी को देखते हुए ही प्रशासन ने अयोध्या शहर और खास तौर पर राम मंदिर की सुरक्षा को और पुख्ता किया है. आपको बता दें कि बीते दिनों हरियाणा और गुजरात की एसटीएफ ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन चलाते हुए फरीदाबाद से एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया था. फरीदाबाद में पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी अयोध्या जिले का रहने वाला है, जिसके पास से पुलिस को एक पेन ड्राइव मिली थी. जिसमें अयोध्या राम मंदिर को लेकर कुछ जानकारियां इकट्ठा की गई थी. इसको लेकर अयोध्या में सुरक्षा घेरा और सख्त कर दिया गया है.

अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर जवान

बुधवार को राम मंदिर के आस पास सघन तलाशी अभियान चलाया गया. इसके साथ ही कई लोगों से पूछताछ भी की गई. अयोध्या राम मंदिर में पहले से ही काफी सख्त सुरक्षा घेरा रहता, लेकिन इस घटना को लेकर सुरक्षा घेरा और भी बढ़ा दिया गया है. अयोध्या में चप्पे चप्पे पर पुलिस के जवान डटे हुए हैं और पुलिस के बड़े अधिकारी कमांडो के साथ स्वयं चेकिंग कर रहे हैं. संदिग्ध आतंकी के पकड़े जाने के बाद से अयोध्या में सुरक्षा और बेहतर की गई है.  

पकड़ा गया संदिग्ध कौन

संदिग्ध की पहचान अब्दुल रहमान (19) के रूप में हुई है, जो कि उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का निवासी है. रहमान के मोबाइल और अन्य बरामद सामग्रियों की भी जांच की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, अब्दुल रहमान कई दिनों से फरीदाबाद के पाली गांव में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था. जब अधिकारियों ने उससे संपर्क किया तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया.

आतंकी के इरादों का पता लगाने की कोशिश

गुजरात एटीएस ने फरीदाबाद एसटीएफ की मदद से इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया. जांच एजेंसियां ​​अब अब्दुल रहमान के संपर्कों का पता लगाने और उसके इरादों का पता लगाने में जुटी हैं. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, अब्दुल रहमान आईएसआई के आईएसकेपी (इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस) मॉड्यूल से जुड़ा है. ऐसा माना जा रहा है कि इस मॉड्यूल में अब्दुल रहमान के अलावा और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है

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