उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वजीराबाद में रविवार तड़के पुलिस परिसर (मालखाना) में आग लग गई. इस आग की चपेट में आकर कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. जानकारी के अनुसार 300 से अधिक वाहन आग में जल गए. दिल्ली फायर सर्विसेज (DFS) को सुबह 4.32 बजे घटना से जुड़ा कॉल आया था. जिसके बाद तुरंत एक्शन लेते हुए फायर सर्विसेज की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. मामले के बारे में अधिक जानकारी देते हुए फायर सर्विसेज के एक अधिकारी ने बताया, “आग बुझाने के लिए 7 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था. करीब 50 दमकलकर्मी आग को बुझाने में लगे थे.”  उन्होंने बताया, इस हादसे में कुल 345 वाहन जलकर खाक हो गए. जलने वाले वाहनों में 260 दोपहिया वाहन थे और 85 चार पहिया वाहन थे. सुबह करीब छह बजकर 20 मिनट पर आग पर काबू पा लिया गया.

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आखिर कैसे लगी आग

मालखाने की निगरानी करने वाले एक पुलिस अधिकारी ने TOI को बताया कि “रात के समय 10-11 बजे के बीच कुछ लोगों को उन्होंने वहां घुसते हुए देखा था. दरअसल ये लोग कबाड़ की चीज़ें चुराने के मकसद से यहां आते हैं. ज्यादातर मामलों में पुलिस इन्हें पकड़ लेती हैं.  लेकिन जब ये वाहन के पुर्जे चुराने में विफल रहते हैं, तो वाहनों में अक्सर आग लगा देते हैं.”

कब-कब जला मालखाना

  • दिल्ली पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में स्थित वजीराबाद इंपाउंड यार्ड में पिछले साल भी कई बार आग लगी थी.
  • उस दौरान भी कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे.
  • पिछले साल जनवरी में एक भीषण आग में कम से कम 450 वाहन जलकर खाक हो गए थे.
  • मई में आग लगने से 300 से ज़्यादा वाहन जलकर खाक हो गए थे.
  • अगस्त में एक हफ़्ते के अंदर दो बार आग लग गईं थी. इस दौरान भी कई वाहन जल गए थे.
  • तीन दिन पहले, दक्षिणी दिल्ली के नेहरू प्लेस के एक मालखाने में आग लगने से 50 से अधिक जब्त वाहन जलकर खाक हो गए थे.

स्टेशन अधिकारी मनोज त्यागी ने कहा, “हमें आग बुझाने के दौरान बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. क्योंकि मालखाना काफी अंदर स्थित है. सड़कें छोटी थीं और कीचड़ भरी थीं. जिससे दमकल गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में ही काफी मुश्किल हुई. टैंकों को कई बार फिर से भरना पड़ा, रास्ते खराब थे, जिससे देरी हुई.”

इस वजह से फैली आग

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ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण आग कुछ ही मिनटों में तेजी से फैल गई. पेट्रोल, डीजल और सीएनजी सिलेंडर वाले वाहनों ने तेजी से आग पकड़ ली. ये वाहन खराब थे, लेकिन इनमें से कुछ में ईंधन था. जिसके कारण आग तेजी से फैल गई. इसके अलावा वाहनों के अंदर प्लास्टिक शीट और फोम शीट भी थी. जो आग को जल्दी से पकड़ती है. वहीं पुलिस ने आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं.

क्या होता है मालखाना

पुलिस द्वारा किसी भी केस से जुड़े जब्त किए गए सामानों को जैसे वाहन, गहने, दस्तावेज और अन्य चीजें थाने के मालखाने में रखी जाती हैं. इन सामान को केस की संपत्ति माना जाता है. कोर्ट के आदेश पर ही इन्हें मालखाने से बाहर निकाला जा सकता है. आकंड़ों के अनुसार एक समय पर, दिल्ली पुलिस ने लगभग 31,000 वाहन जब्त थे. जिनकी कीमत 100 करोड़ रुपये के आसपास की थी. 

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