केदारनाथ मंदिर परिसर में इस बार रील्स बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह निर्णय चारधाम महा पंचायत की बैठक में लिया गया है, जिसमें तय किया गया है कि चारों धामों में रील्स बनाने पर इस यात्रा काल में प्रतिबंध रहेगा.

उत्तराखंड के चारों धामों में से केदारनाथ धाम में सबसे अधिक रील्स और वीडियो बनाए जाते हैं. यहां कई यू टयूबर आते हैं और धाम से विभिन्न प्रकार के वीडियो और रील्स वायरल कर देते हैं. इन रील्स और वीडियो का प्रभाव यात्रा पर भी पड़ता है, क्योंकि आस्था के साथ धाम पहुंचने वाले भक्त भी इन रील्स और वीडियो बनाने वालों से परेशान हो जाते हैं. इस समस्या को देखते हुए, इस बार यात्रा के शुरूआत से ही रील्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह निर्णय धाम की पवित्रता और शांति बनाए रखने के लिए लिया गया है.

केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज ने रील्स बनाने वालों का कड़ा विरोध किया है और सरकार के अलावा बद्री-केदार मंदिर समिति से भी समर्थन मांगा है. समाज के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा है कि चारों धामों पर रील्स और अन्य वीडियो बनाने वालों पर बैन लगना चाहिए.

चार धाम महा पंचायत की बैठक में निर्णय लिया गया है कि मंदिर परिसर में रील्स और अन्य वीडियो पर बैन लगना चाहिए. इसके अलावा, मंदिर में वीआईपी दर्शन और ढोल नगाड़ों के प्रदर्शन पर भी रोक लगनी चाहिए. यदि कोई नियमों को तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कार्यवाही अमल में लाई जाएगी.
 

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