नॉर्थ-ईस्ट के तीन राज्यों नगालैंड, त्रिपुरा और मेघालय में आज चुनाव के नतीजे आएंगे। त्रिपुरा में 16 फरवरी और मेघालय-नगालैंड में 27 फरवरी को वोटिंग हुई थी। तीनों राज्यों के लोगों को रिजल्ट का इंतजार है, लेकिन नजरें नगालैंड पर हैं। 1963 में नगालैंड राज्य बना, 60 साल गुजरे, 14वीं बार लोग सीएम चुन रहे हैं, लेकिन आज तक किसी भी सीट से कोई महिला विधायक नहीं चुनी जा सकी है।

60 विधानसभा सीटों वाले नगालैंड में 184 उम्मीदवार मैदान में हैं, इनमें सिर्फ 4 महिलाएं हैं। माना जा रहा है कि दीमापुर-3 सीट से Nationalist Democratic Progressive Party (NDPP) की उम्मीदवार हेकानी जाखालू 2 मार्च को इस परंपरा को खत्म कर देंगीं। दूसरी तरफ 60 विधानसभा सीटों वाले मेघालय में न सिर्फ समाज बल्कि सरकार में भी महिलाओं का खासा प्रभाव है।

नगालैंड में महिला वोटर्स की संख्या (49.79%) पुरुषों के बराबर है, यानी वे भी बराबरी से सरकार चुनती हैं। इसके बावजूद उनके राजनीति में आने का हमेशा से विरोध होता आया है।

वहीं, नॉर्थ ईस्ट के ही मेघालय में कई जनजातियों में महिलाएं ही परिवार की चीफ होती हैं। बेटियां वारिस होती हैं और लड़कों को संपत्ति में हक नहीं मिलता। यहां लड़की पैदा होने पर लोग खुशी मनाते हैं।

नगालैंड की पॉलिटिक्स में  ‘जिन चार महिला उम्मीदवारों को टिकट मिला है, उनमें सबसे मजबूत दावेदारी हेकानी जाखालू की मानी जा रही है। वे राजनीति को अच्छी तरह से समझती हैं और उनके पास अच्छा फाइनेंशियल बैकअप भी है।

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