Uttarakhand में नानकमत्ता गुरुद्वारे के डेरा कारसेवा प्रमुख Baba Tarsem Singh की 28 मार्च को हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया.
9 अप्रैल 2024 (अपडेटेड: 9 अप्रैल 2024, 09:22 IST)
उत्तराखंड (Uttarakhand) के ऊधम सिंह नगर में नानकमत्ता गुरुद्वारे के डेरा कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह (Baba Tarsem Singh) हत्याकांड के एक आरोपी को एनकाउंटर में मारा गिराया गया है. 8 अप्रैल की देर रात उत्तराखंड STF और हरिद्वार पुलिस के साथ चली मुठभेड़ में मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह (Amarjeet Singh) की मौत हो गई. जबकि, दूसरा आरोपी वहां से भाग निकला. जिसकी फिलहाल तलाश की जा रही है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अमरजीत सिंह को उत्तराखंड STF और हरिद्वार पुलिस ने भगवानपुर एरिया में एनकाउंटर में मार गिराया. तरसेम सिंह पंजाब और तराई में सिखों के सिरमौर के नाम से जाने जाते थे. उनकी हत्या की जिम्मेदारी तरनतारन के गांव मियाविंड के रहने वाले सरबजीत सिंह ने ली थी.
हरिद्वार के SSP परमिंदर डोभाल ने इस एनकाउंटर के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा,
“STF-पुलिस और शार्प शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू के बीच हरिद्वार के भगवानपुर में एनकाउंटर हुआ, जिसमें मुख्य आरोपी को मार गिराया गया. अमरजीत के खिलाफ 16 से अधिक मामले दर्ज थे.”
28 मार्च को हुई थी हत्या
बाबा तरसेम सिंह लंबे समय से श्री नानकमत्ता गुरुद्वारे के कार सेवा प्रमुख थे. तरसेम सिंह पंजाब और तराई में सिखों के सिरमौर माने जाते थे. श्री नानकमत्ता गुरुद्वारे में कार सेवा की देखरेख की सारी जिम्मेदारी बाबा तरसेम ही निभाते थे. 28 मार्च को उत्तराखंड (Uttarakhand) के उधम सिंह नगर में मास्क लगाए दो बदमाशों ने बाबा तरसेम सिंह (Baba Tarsem Singh) की गोली मारकर हत्या कर दी थी. जिसका वीडियो वायरल हुआ था.
वीडियो में देखा गया कि बाबा तरसेम एक कुर्सी पर बैठे थे. इस बीच बदमाश दो बाइक से आए और उन पर गोली चला दी. वारदात के वक्त तरन तारन का रहने वाला सरबजीत सिंह बाइक चला रहा था, जबकि अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू पीछे बैठा था. अमरजीत ने ही तरसेम सिंह पर गोली चलाई थी. घटना को अंजाम देने के बाद दोनों वहां से फरार हो गए थे. घायल बाबा तरसेम को खटीमा के अस्पताल पहुंचाया गया. जहां उनकी मौत हो गई.
रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने सरबजीत और अमरजीत के अलावा श्री नानकमत्ता साहिब के प्रधान हरबंस सिंह चुघ, प्रीतम सिंह संधू और जत्थेदार बाबा अनूप सिंह को भी आरोपी बनाया है.
