देहरादून का कभी, उत्तराखंड की शान कहे जाने वाले देहरादून का पलटन बाजार अपनी गरिमा मय बाजार के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध रहा है, लेकिन आज यही पलटन बाजार अपने दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है देहरादून का सुप्रसिद्ध बाजार जो गोरो की “पलटन” के लिए घंटाघर पर एक सुविधाजनक बाजार था, धीरे-धीरे इसने अपनी गरिमा पूरे भारत में फैला दी, लेकिन आज यहां आपको पता ही नहीं चलेगा कि यह बाजार भी है, सब्जी वाले, रेहड़ी वाले, हैंगर वाले, सब आपको इस बाजार में कब्जा जमाये बे तरतीब मिलेंगे, और यह सब थोड़े से पैसे के ,लालच, में अंजाम दिया जा रहा है

इंस्पेक्टर कोतवाली कैलाश भट्ट जी से इस “अव्यवस्था” पर इस बारे में चर्चा करने पर उनकी पेशानी पर पसीना झलक आया,उन्होंने बताया कि हमारी समझ में ही नहीं आता कि हम क्या करें,, दुकानों के बाहर फड़ वाले फड़ वालों के बाद हैंगर वाले , रेहड़ी, वाले, और उनके बाद पार्किंग, लगता है, की पलटन बाजार न होकर किसी गांव की “हाट” में चले आए हो, इंसपेक्टर कैलाश भट्ट जी ने बताया कि जब तक दुकानदार प्रशासन का सहयोग नहीं करेंगे लोगों को इस अव्यवस्था से छुटकारा मिलना बहुत कठिन है.
इंस्पेक्टर साहब ने दुकानदारों से अपील भी की उनकी इतनी कीमती दुकान हैं उनका अपना एक स्टेटस है तो वह अपनी इन दुकानों के आगे हैंगर वाले रेहडी वालो को न खड़ा होने दे यदि कोई जबरदस्ती करें तो उसकी सूचना तुरंत कोतवाली में दें

