दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में रविवार शाम छात्रों के दो गुटों के बीच नॉनवेज खाने को लेकर हिंसक झड़प हो गई। इसमें कई छात्र घायल हो गए। ABVP सदस्यों ने लेफ्ट विंग पर रामनवमी पर पूजा नहीं करने देने का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि आज रामनवमी पर दोपहर 3.30 बजे छात्रों ने पूजा और हवन रखा था। लेफ्ट विंग वालों ने वहां पहुंचकर पूजा नहीं करने दी, बाद में खाने पर विवाद की बात करने लगे।
हिंसक झड़प के बाद दोनों ही गुटों के मेंबर्स ने थाने पर रातभर प्रदर्शन किया। इस मामले पर अब FIR भी दर्ज कर ली गई है।
राम नवमी पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के कावेरी छात्रावास में हंगामे का मामला बढ़ता जा रहा है। रविवार को छात्रों के दो गुट भिड़ गए थे और कई लोगों को चोट भी आई। छात्रसंघ ने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सदस्यों ने छात्रों (JNU Students) को छात्रावास में मांसाहारी भोजन खाने से रोका और हिंसा का माहौल बनाया। वहीं, एबीवीपी ने दावा किया है कि रामनवमी पर छात्रावास में आयोजित पूजा कार्यक्रम में वामपंथियों ने अड़चन पैदा की। इस बीच, भाजपा नेता और आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने जेएनयू की घटना को सीताराम येचुरी के कार्यकाल विस्तार से जोड़ा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि क्या यह इत्तेफाक है कि जिस दिन सीताराम येचुरी को एक्सटेंशन मिला, उसी दिन जेएनयू में कॉमरेडों ने बवाल कर दिया और एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। क्या जेएनयू का कावेरी हॉस्टल उनका आखिरी गढ़ है?
हवन बनाम नॉन-वेज
जेएनयू हंगामे पर दोनों तरफ से अपने-अपने दावे किए जा रहे हैं। दरअसल, ABVP के छात्रों का आरोप है कि हवन के दौरान वाम दलों के छात्रों ने रुकावट पैदा की। लेफ्ट संगठन से जुड़े छात्रों ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के छात्रों ने राम नवमी पर नॉन वेज खाना परोसने से रोका। हिंसा से जुड़े कई कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें अख्तरिस्ता अंसारी नाम की छात्रा के सिर से खून बहता दिख रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। एबीवीपी जेएनयू के ट्विटर हैंडल से कई वीडियो शेयर किए गए हैं। एबीवीपी का आरोप है कि जेएनयू के दिव्यांग स्टूडेंट को भी जेएनयू कैंपस में पीटा गया और उसके कपड़े फाड़ दिए गए।