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राजस्थान स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने हाथी दांत की तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इनमें उत्तर प्रदेश के हरदोई का पुलिस उप निरीक्षक नाजुद्दीन और उसके दो साथी शामिल हैं। नाजुद्दीन और उसके दो साथियों को हाथी दांत, डेढ़ लाख की नकदी और हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है। तीनों स्कार्पियो से जयपुर शहर में घूम रहे थे। एसजोजी की टीम पकड़े गए तीनों आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ शुरू की है। एसओजी की टीम ने आरोपितों को पकड़े की कार्रवाई रविवार दोपहर बाद की गई। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक अशोक राठौड़ ने बताया कि तस्करों के पास से 35 नग हाथी दांत मिले हैं। जिनका वजन 30 किलो और बाजार में कीमत तीन करोड़ रुपये है। एक लोडेड रिवाल्वर ,छह जिंदा कारतूस और डेढ़ लाख की नकदी बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि एसओजी को रविवार सुबह तस्करों के जयपुर शहर में काले रंग की स्कार्पियों में घूमने की सूचना मिली थी, उसके आधार पर कार्रवाई की गई।

गौरतलब है कि वन्य जीव (वाइल्ड लाइफ) से जुड़े अधिकारियों व विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अवैध कारोबार का तानाबाना बहुत बड़ा है। पड़ोसी राज्य ओडिशा, बंगाल और हाल में छत्तीसगढ़ में तस्करी के मामले बढ़े हैं। तस्कर इन राज्यों से अरुणाचल प्रदेश के रास्ते चीन में हाथी दांत की सप्लाई करते हैं। चीन में इसकी काफी डिमांड है। हाथी दांतों का इस्तेमाल वहां आभूषण व सजावट के सामान बनाने में होता है। हाथी दांत की कीमत विदेशी बाजार में 20 लाख से लेकर करोड़ रुपये तक है। वन विभाग के सूत्रों की मानें तो हाथी दांत तस्करों का जाल ओडिशा से लेकर चीन तक फैला हुआ है। झारखंड के सीमावर्ती इलाके बंगाल के पुरुलिया, झारखंड के सिमडेगा से सटे छत्तीसगढ़ बार्डर जशपुर, ओडिशा में क्योंझर, बड़बिल, राउरकेला, बेसरा, चंपुआ में ये तस्कर गिरोह रहकर हाथी दांत की तस्करी करते हैं। ये लोग हाथी को मारने के तरीके बताने से लेकर दांत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की लाइजनिंग भी करते हैं। इस धंधे में 50 से ज्यादा वाइल्ड लाइफ अपराधी जुड़े हुए हैं।

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