देहरादून में आज तड़के सहस्रधारा क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही मची है। दो लोग लापता हैं, कई होटल और दुकानें बह गईं और मुख्य बाजार में मलबा भर गया। सड़कें और घरों में पानी भर गया, मालदेवता क्षेत्र की सड़क भी ध्वस्त हो गई है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। प्रशासन (DM, SDM, NDRF, SDRF) लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है। मंदिरों तक पानी पहुंचा, लेकिन मुख्य शिवलिंग सुरक्षित है। जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है.

मुख्य घटनाएं और नुकसान

सहस्रधारा एवं कालिगाड़ क्षेत्र में रात करीब 11 बजे बादल फटा, जिसके चलते तेज बारिश के साथ भारी मलबा बाजार में आ गया.

2 से 3 बड़े होटल और 7-8 दुकानें ध्वस्त हो गईं, लगभग 100 लोग फंस गए थे, जिन्हें गांव वालों ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.

दो लोग लापता हैं, उनकी तलाश जारी है.

मलबे और पानी के तेज बहाव से सड़कें व बाजार जलमग्न हो गए, कारें और दुकानों का सामान भी बह गया.

Tapkeshwar Mahadev मंदिर तक पानी पहुंचा, लेकिन शिवलिंग सुरक्षित है, मंदिर परिसर में 10–12 फीट तक पानी भर गया.

जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12 तक सभी स्कूल बंद कर दिए हैं.

NDRF और SDRF की टीमें मलबे में फंसे और लापता लोगों की तलाश कर रही हैं.

प्रशासन और सरकार की कार्रवाई

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार प्रशासन से संपर्क में हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं.
  • बचाव अभियान में SDRF, NDRF और पुलिस की टीमें लगी हैं, मौके पर बुलडोजर मौजूद हैं.
  • लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है.
  • प्रभावित इलाकों को सरकार द्वारा राहत राशि और सहायता दिलाने की घोषणा.

आज देहरादून में तबाही का यह दृश्य मानसून के खतरे और पहाड़ी क्षेत्रों की संवेदनशीलता को दर्शाता है। प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहा है कि किसी भी व्यक्ति की जान-माल की हानि न हो।

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