अनमोल पचौरी -आर्यभट मीडिया 22-03-2022

युद्ध ,मुद्रास्फीति  और चीन में फिर से लॉकडाउन यह वैश्विक सप्लाई चैन में वास्तव में एक तूफान की तरह है, अब  कैसे वस्तुएं अब दूसरे देशों में पहुंचेगी ? चीन में जब भी कोई खलल पैदा होता है तो इसका पूरी दुनिया पर काफी असर पड़ता है . क्योंकि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मनु फैक्चरिंग क्षमता चीन में ही मौजूद है. अगर आप कुछ ऑनलाइन खरीद रहे हैं तो इस बात की पूरी संभावना है कि वह शिनचैन(चीन ) में ही बनी हो. चीन के दक्षिण में मौजूद इस शहर की आबादी लगभग दो करोड़ है जहां पर चीन के लगभग आधे ऑनलाइन एक्सपोर्टर्स मौजूद है.

इसीलिए जब वहां पर कोरोना के मामलों की बढ़ोतरी हुई और एक दम्पत्ति की मौत का मामला सामने आया तो शिनचैन में 7 दिन का लॉक डाउन लगा दिया गया. इसके कारण दुनिया के धंधों को भारी झटका लगा है कोरोना की पाबंदियां इससे जुड़े कई और बड़े शहरों में भी लागू की गई है. येंतियं बंदरगाह में भी लॉकडाउन लगा हुआ है, येन्तिएन बंदरगाह यूरोप और अमेरिका में सामान सप्लाई करने का सबसे बड़ा बंदरगाह चीन में है. पूरे यूरोप और अमेरिका में 90% चीनी सामान यहीं से निर्यात होता है. चीनी सरकार ने कोविड-19 के  काफी कड़े प्रतिबन्ध लगाये हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स की माने तो यह प्रतिबंध इस बार काफी लंबे नहीं चलेंगे. यह प्रतिबंध और चीन में दोबारा कोरोना  का फैलना चीन की कोविड-19 के  प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल खड़े करता है. चीन में कोरोनावायरस के बाद दुनिया भर के  हेल्थ एक्सपर्ट्स की नजरें अब इस बात पर टिकी है कि कहीं ऐसा ना हो की पहले की तरह चीन से निकलकर यह वायरस पूरी दुनिया में अपने पांव दोबारा पसार ले या चीन से कोई नया कोविड वेरिएंट तबाही मचाना शुरू कर दे .

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