कभी गोद में छिपाया, आतंकी हमले ने भी नहीं डराया… रामलला को टाट से उनके ठाठ तक पूजते रहे आचार्य सत्येंद्र दास
दिसंबर 1992. विश्व हिंदू परिषद ने लोगों को कारसेवा करने के लिए बुलाया था .पूरी अयोध्या कारसेवकों से भर गई थी. कारसेवकों ने ढांचे को तोड़ना शुरू किया. पहले उत्तर…










