महाकुंभ में आज बसंत पंचमी का अमृत स्नान किया जा रहा है. इसमें बड़ी संख्या में अखाड़े के साधु-संत और महात्मा शामिल हो रहे हैं. नागाओं का स्‍नान हो रहा है. मौनी अमावस्‍या के अमृत स्‍नान से पहले हुई भगदड़ के बाद इस बार सुरक्षा के खास इंतजाम मेला क्षेत्र में किये गए हैं. 12 किलोमीटर में फैले घाट एरिया को कई भागों में बांटा गया है और लोगों को नजदीकी घाटों पर ही स्‍नान करने की सलाह दी गई है. बताया जा रहा है कि आज भी करोड़ों की संख्‍या में श्रद्धालु त्रिवेणी में आस्‍था की डुबकी लगाएंगे. इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और महामंडलेश्वर साधवी निरंजन ज्योति ने एनडीटीवी से बात करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं से अपील है कि वह संगम में स्नान करने के बजाय बनाए गए घाट पर डुबकी लगाएं, क्योंकि पूरा क्षेत्र ही संगम क्षेत्र कहलाता है. 

‘पूरा क्षेत्र ही संगम क्षेत्र, कहीं भी लगाएं डुबकी’ 

बसंत पंचमी के अवसर पर हो रहे तीसरे अमृत स्‍नान में 5 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है. आम श्रद्धालुओं से पहले नागा साधु और संत स्‍नान कर रहे हैं. सुबह सबसे पहले श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री पंचाग्नि अखाड़ा अमृत स्‍नान कर रहा है. इस बीच लोगों को महाकुंभ में साधु-संतों के आशीर्वाद लेने चाहिए ना की रील बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. महामंडलेश्वर साधवी निरंजन ज्योति ने कहा कि महाकुंभ में सरकार ने दिव्य व्यवस्था की है ऐसे में श्रद्धालुओं को बढ़-चढ़कर के इस आस्था के संगम में डुबकी लगानी चाहिए. इस दौरान साध्वी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वह संगम में स्नान करने के बजाय बनाए गए घाट पर डुबकी लगाएं, क्योंकि पूरा क्षेत्र ही संगम क्षेत्र कहलाता है.

बसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष बसें

बसंत पंचमी पर तीसरे अमृत स्‍नान के लिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को बस, रेलवे और पार्किंग एरिया से घाट तक पहुंचाने के लिए विशेष बसों का इंतजाम किया है. हजारों विशेष बसें श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचाने में जुटी हुई हैं. प्रदेश सरकार ने बताया कि महाकुंभ में दो फरवरी की शाम तक करीब 35 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में डुबकी लगा ली है. उप्र रोडवेज ने बसंत पंचमी के स्नान पर्व में आगंतुकों की वापसी के लिए 2500 बसें अलग से आरक्षित कर ली हैं. महाकुंभ क्षेत्र से चार अस्थाई बस स्टेशन पहुंच रहे आगंतुकों के लिए हर 15 मिनट में रोडवेज बस मिलेगी. इसमें सबसे अधिक 1500 बसें झूसी में बनाए गए रोडवेज के अस्थाई बस स्टेशन के लिए निर्धारित की गई हैं. वहीं, लखनऊ की ओर जाने के लिए बेला कछार में बनाए गए बस स्टेशन में 600 बसें, कानपुर की तरफ जाने वाले आगंतुकों के लिए नेहरू पार्क बस स्टेशन में 300 और मिर्जापुर बांदा की तरफ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए लेप्रोसी अस्थाई बस स्टेशन में 100 रोडवेज बसें आरक्षित हैं. इसके अलावा, नजदीक के स्थानों तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए 550 शटल बसें मौजूद हैं. रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक, हर दो मिनट में शटल सेवा उपलब्ध रहगी. बस स्टेशन पर भीड़ न होने पाए इसके लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है.

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *