कानपुर के नर्वल में बच्चे से हैवानियत के बाद हत्या करने वाले तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी किसी नर-पिशाच से कम नहीं हैं। उनकी हैवानियत की पूरी कहानी जानने के बाद पुलिस अफसरों की भी रूह कांप उठी। पूछताछ में तीनों ने 9 साल के बच्चे से कुकर्म के बाद नृशंस हत्याकांड की बात कबूल की है।तीनों आरोपियों से पुलिस अफसरों ने पूछा कि दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी तो बच्चे का चेहरा सिगरेट से क्यों दागा ? उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा क्यों डाला ? हत्यारों ने बच्चे के साथ इतनी हैवानियत क्यों की? इसका जवाब उन्होंने विस्तार से दिया।आरोपियों ने बताया कि तीनों ने गांजा पीने के बाद शराब पी थी। हत्याकांड के बाद भी सरसों के खेत में तीनों सिगरेट पी रहे थे। बच्चे के चेहरे पर एक के बाद एक लगातार सिगरेट दागने पर उसका हिलना-डुलना बंद हो गया तो समझ गए कि वह मर गया था।जिंदा है या मर गया, यह जानने के लिए आंख में भी कील ठोंक दी थी। इसके पीछे आशंका थी कि बच गया तो वह उन्हें पहचान लेगा। बच्चे के साथ कुकर्म हुआ या नहीं जांच में यह पता नहीं चल सके इसलिए उसके प्राइवेट पार्ट में डंडा डाला था।

बच्चे से कुकर्म के बाद हत्या के तीनों आरोपी गिरफ्तार कर भेजे गए जेल।

सामूहिक कुकर्म करने के बाद हत्या
एडिशनल SP आउटर ने बताया कि गांव के ही रहने वाले चंदन, बबलू और बल्ली नाम के युवकों ने बच्चे के साथ कुकर्म करने के बाद हत्याकांड को अंजाम दिया था। गांव का होने के नाते मृतक बच्चा चंदन का मुंह लगा था। चंदन उसे झांसे में लेकर अपने साथ बाग में ले गया। इसके बाद लाही के खेत में तीनों ने मिलकर 9 साल के बच्चे के साथ कुकर्म किया। चिल्लाने पर उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा और गला दबा दिया था। बच्चा बुरी तरह से तड़पने लगा तो इन हैवानों ने बच्चे के सिर पर ईंट से कई वार किए। इसके बाद बच्चा शांत हो गया।

मवेशियों को भी नहीं छोड़ते थे आरोपी
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी नशा करने के बाद खेत में बकरी समेत अन्य मवेशियों के साथ भी दुष्कर्म करते थे। हत्याकांड वाले दिन नशा करने के बाद बच्चा सामने पड़ गया तो उसको दबोचकर हैवानियत का गंदा खेल खेला और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

ढाई घंटा चला हैवानियत का खेल
मृतक बच्चा आरोपी चंदन को चाचा कहकर बुलाता था। इसी चक्कर में वह चंदन के झांसे में फंस गया और उसके साथ सरसों के खेत तक चला गया। तीनों आरोपियों के शिकंजे में फंसने के बाद बच्चा चिल्लाता रहा चाचा छोड़ दो, चाचा छोड़ दो, लेकिन हत्यारों का दिल नहीं पसीजा और उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर गला घोंट दिया। इसके बाद दोपहर में करीब ढाई घंटे तक तीनों आरोपियों ने सरसों के खेत में हैवानियत का गंदा खेल खेला और फिर भाग निकले।

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